सिंगरौली में कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ, प्राकृतिक खेती पर दिया गया जोर

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 14 Feb 2026, 09:02 PM IST | 0 min read
सिंगरौली में कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ, प्राकृतिक खेती पर दिया गया जोर
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सिंगरौली, 14 फरवरी 2026। मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में सिंगरौली जिले में कृषि विभाग द्वारा कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। यह मेला कृषि विज्ञान केंद्र देवरा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राधा सिंह, राज्य मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनिवास शाह, विधायक सिंगरौली ने की। दोनों अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर मेले का शुभारंभ किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सिंगरौली जिले में कृषि विज्ञान मेले का आयोजन। राज्य मंत्री राधा सिंह और विधायक रामनिवास शाह ने किया शुभारंभ। किसानों को प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण अपनाने की सलाह।

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बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

कृषि विज्ञान मेले में जिले के तीनों विकासखंडों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। विभिन्न विभागों और निजी संस्थाओं द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी गई। मेले में उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, श्री अन्न और प्राकृतिक खेती से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

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प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी आय – राज्य मंत्री

राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि नई पद्धतियों को अपनाकर और प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों को श्री अन्न की खेती के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि श्री अन्न का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और इससे कई रोगों की रोकथाम होती है। मुनगा में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसकी खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। राज्य मंत्री ने हर गांव में तालाब निर्माण कर जल संरक्षण करने की भी अपील की।

विकसित भारत के लिए विकसित कृषि जरूरी – विधायक

विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए विकसित कृषि की परिकल्पना को साकार करना होगा।

किसानों ने साझा की सफलता की कहानी

प्रगतिशील किसान आशीष शाह ने प्राकृतिक विधि से सब्जी उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को अपनी सफलता की कहानी भी सुनाई। वहीं कृषक दीदी श्रीमती रीता शाह ने बताया कि बीजामृत, जीवामृत और घनामृत बनाकर कैसे रसायन मुक्त खेती की जा सकती है।

अधिकारी और वैज्ञानिक रहे मौजूद

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जय सिंह, उपसंचालक कृषि अजीत कुमार सिंह, उपसंचालक पशुपालन आर.के. जायसवाल, वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश चौबे, सहायक संचालक कृषि मनोज सिंह, लवकुश सिंह, कृषि विकास अधिकारी लखन सिंह मराबी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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