एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (यूपीआरवीयूएनएल) ने नवीकरणीय उर्जा पार्क और परियोजनाओं के विकास में सहयोग करने और उर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने के भारत सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के साथ कल लखनऊ में एक सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
एमओयू पर एनजीईएल के सीईओ मोहित भार्गव और यूपीआरवीयूएनएल के निदेशक (वित्त) निधि कुमार नारंग ने यूपीआरवीयूएनएल के प्रबंध निदेशक पी. गुरूप्रसाद, एनटीपीसी के उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक प्रवीन सक्सेना की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर एनजीईएल के महाप्रबंधक वी.वी. शिवकुमार और एनटीपीसी, एनजीईएल और यूपीआरवीयूएनएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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एमओयू के तहत दोंनों संगठन रिहंद जलाशय, अन्य जल क्षेत्रों और किसी भी उपलब्ध खाली भूमि, अयोध्या शहर के सौर उर्जाकरण के लिये समर्पित सोलर पीवी प्रोजैक्ट और जहां कहीं भी भूमि उपलब्ध कराई जायेगी वहां नवीकरणीय उर्जा पार्कों और परियोजनाओं के विकास के लिये मिलकर काम करेंगे। एनजीईएल और यूपीआरवीयूएनएल दोनों मिलकर नवीकरणीय उर्जा उत्पादन दायित्व, उत्पादन में लचीलापन और नवीकरणीय उर्जा और उर्जा भंडारण को साथ मिलाकर ताप/जल विद्युत स्टेशनों की समयसारिणी तैयार करने जैसे कार्यों को पूरा करने के लिये संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवीसी) बनाने पर काम करेंगे।
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एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी है, इसकी कुल स्थापित क्षमता (संयुकत उद्यमों और सहयोगी कंपनियों सहित) करीब 72 गीगावाट है। नवीकरणीय उर्जा कारोबार को बढ़ाने के लिये एक पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी ’’एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) बनाई गई जो कि नवीकरणीय उर्जा पार्क और हरित हाइड्रोजन, उर्जा भंडारण तकनीक और चैबीसों घंटे नवीकरणीय उर्जा बिजली क्षेत्र में विकास कार्य सहित तमाम परियोजनाओं पर काम करेगी।
यूपीआरवीयूएनएल का गठन उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन स्टेशनों को स्थापित करने और परिचालन के लिये किया गया। वर्तमान में यूपीआरवीयूएनएल के उत्तर प्रदेश में 5,820 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले चार ताप विद्युत स्टेशन हैं और एक ताप विद्युत स्टेशन 1,320 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ एनटीपीसी के साथ संयुक्त उद्यम में है। यूपीआरवीयूएनएल अपने बल पर सुपर क्रिटिकल टैक्नालाजी के साथ 3,300 मेगावाट क्षमता और जुटाने की प्रक्रिया में है, इसके अलावा केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ संयुक्त उद्यम के जरिये और 1,980 मेगावाट क्षमता जुटाने की तैयारी में है। वर्तमान में यूपीआरवीयूएनएल नवीकरणीय उर्जा और उर्जा भंडारण क्षेत्र पर भी ध्यान दे रहा है।



