अक्षय तृतीया को पारंपरिक रूप से सोना खरीदने का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस साल भी देशभर में भारी खरीदारी का अनुमान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज भारत में करीब ₹20,000 करोड़ का सोना और चांदी खरीदा जा सकता है।
लेकिन क्या सिर्फ परंपरा के आधार पर सोना खरीदना समझदारी है? आंकड़े कुछ और ही कहानी बता रहे हैं।
पिछले साल का डेटा क्या कहता है?
अगर पिछले अक्षय तृतीया से अब तक के रिटर्न पर नजर डालें, तो तस्वीर चौंकाने वाली है:
- सोना (Gold): लगभग 63% तक बढ़ा
- चांदी (Silver): करीब 160% की उछाल
इसका मतलब है कि चांदी ने सोने से करीब 3 गुना ज्यादा रिटर्न दिया है।
क्या सोना सिर्फ सुरक्षित निवेश है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना मुख्य रूप से वेल्थ प्रोटेक्शन (धन सुरक्षा) के लिए जाना जाता है, न कि तेज मुनाफा देने के लिए।
- कुछ वर्षों में रिटर्न: 2–3%
- कुछ सालों में तेज उछाल: 50–60%+
- लंबे समय में औसत रिटर्न स्थिर रहता है
अक्षय तृतीया पर निवेश कैसे करें?
अगर आप आज निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
1. सीमित मात्रा में खरीदें
सोना पोर्टफोलियो का सिर्फ 5–10% हिस्सा होना चाहिए।
2. ज्वेलरी से बचें
गोल्ड ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज ज्यादा होता है।
बेहतर विकल्प:
- गोल्ड कॉइन
- गोल्ड ETF
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)
3. ट्रेंड के पीछे न भागें
बाजार में तेजी देखकर अचानक निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
FAQ
Q1. क्या अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना जरूरी है?
नहीं, यह धार्मिक मान्यता है। निवेश पूरी तरह आपकी वित्तीय योजना पर निर्भर करता है।
Q2. क्या चांदी सोने से बेहतर निवेश है?
पिछले साल के डेटा के अनुसार चांदी ने ज्यादा रिटर्न दिया है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है।
Q3. सोना खरीदने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
ETF, SGB या कॉइन खरीदना ज्वेलरी से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।










