26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, सरकार के तीन आश्वासनों के बाद लिया फैसला

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली भूख हड़ताल सरकार से तीन प्रमुख आश्वासन मिलने के बाद समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि यह भूख हड़ताल का अंत नहीं, बल्कि जवाबदेही की शुरुआत है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 24 Jul 2026, 09:04 AM IST | 1 min read
26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, साथ में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह।
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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मंगलवार देर रात अपनी 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि यह केवल भूख का अंत है, लेकिन “जवाबदेही की शुरुआत” है।

वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि लगभग दो दिनों तक सरकार के साथ बातचीत और चर्चा के बाद उन्हें कुछ महत्वपूर्ण आश्वासन मिले, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा,

“आखिरकार हमें सरकार से वह आश्वासन मिल गया जिसकी हमें उम्मीद थी। यह भूख का अंत है, लेकिन जवाबदेही की शुरुआत है।”

सरकार ने दिए तीन प्रमुख आश्वासन

वांगचुक के अनुसार सरकार ने तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति जताई है—

1. परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा

सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और हालिया विवादों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराई जाएगी।

2. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सहायता

हालिया NEET परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

3. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों तथा 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ा अनशन

जारी वीडियो में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाते हुए दिखाई दिए।

अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा,

“मैं अपना अनशन समाप्त करके खुश हूं। आप सभी का धन्यवाद।”

इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि आंगमो का हाथ पकड़ते हुए कहा,

“गीतांजलि हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं। मैं केवल धन्यवाद नहीं, बल्कि अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहता हूं।”

वीडियो में जे.पी. नड्डा सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन भी पढ़ते हुए नजर आए।

28 जून से जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था अनशन

सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी प्रमुख मांग कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी।

18 जुलाई को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।

बाद में उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सरकारी अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाया। अदालत की अनुमति के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के कुछ घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें डॉक्टरों की सलाह का पालन करने की अपील की।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने परीक्षा पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा था कि

  • पेपर लीक के आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
  • छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसलिए परीक्षाएं जल्द आयोजित कराई गईं।
  • संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं।

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