निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का टीज़र गुरुवार को जारी किया गया, जिसने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक बड़े बजट की फिल्म नहीं, बल्कि एक महत्वाकांक्षी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाने वाला प्रोजेक्ट है।
निर्माता नमित मल्होत्रा के साथ मिलकर बनाई जा रही यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी और इसे शुरू से ही वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। फिल्म की रणनीति को “ग्लोबल फर्स्ट, देसी लेटर” कहा जा सकता है—यानी कहानी भारतीय है, लेकिन प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय स्तर की है।
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टीज़र लॉन्च की प्रक्रिया भी इस रणनीति को दर्शाती है। भारत में रिलीज से पहले इसे लॉस एंजिलिस में चुनिंदा दर्शकों और मीडिया के सामने पेश किया गया। वहां से सोशल मीडिया पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिसमें इसे एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव बताया गया। भारत में टीज़र रिलीज होने तक यह चर्चा पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुकी थी।
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विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारतीय फिल्मों के पारंपरिक प्रमोशन मॉडल से अलग है। आमतौर पर फिल्में पहले घरेलू बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करती हैं, लेकिन ‘रामायण’ ने पहले ही वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
फिल्म की कास्टिंग भी इस संतुलन को दर्शाती है। रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि यश रावण का किरदार निभा रहे हैं। यह संयोजन दर्शकों को नई प्रस्तुति के साथ परिचित चेहरों का अनुभव देने का प्रयास है।
तकनीकी स्तर पर भी फिल्म बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की वीएफएक्स कंपनी DNEG को शामिल किया गया है, जिसे कई अकादमी अवॉर्ड मिल चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि फिल्म केवल कहानी कहने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ऐसे दृश्य अनुभव के रूप में पेश किया जा रहा है जो वैश्विक दर्शकों को आकर्षित कर सके।
फिल्म उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय बाजार तेजी से बढ़ा है। 2023-24 में भारतीय सिनेमा का विदेशी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कुल राजस्व का लगभग 15-20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। ऐसे में ‘रामायण’ जैसे प्रोजेक्ट का वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, ‘रामायण’ का टीज़र यह संकेत देता है कि भारतीय पौराणिक कथाओं को अब नई तकनीक और वैश्विक सोच के साथ पेश किया जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कितना प्रभाव छोड़ पाती है।



