17 साल के छात्र ने खोली CBSE की ‘पोल’? एक Blog से देशभर में मचा हड़कंप !

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 31 May 2026, 10:24 AM IST | 1 min read
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल उठाने वाले झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत।
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CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत द्वारा लिखे गए ब्लॉग में टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने छात्रों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया है।

क्या है पूरा मामला?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस विवाद के केंद्र में झारखंड के एक 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत हैं, जिन्होंने अपने ब्लॉग के माध्यम से CBSE की टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सार्थक ने दावा किया है कि हैदराबाद स्थित कंपनी Coempt EduTeck Pvt Ltd को OSM सिस्टम का ठेका देने के लिए निविदा (टेंडर) की शर्तों में कई बदलाव किए गए।

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कौन हैं सार्थक सिद्धांत?

सार्थक सिद्धांत झारखंड के कक्षा 12 के छात्र हैं। उन्होंने खुद को उन 17 लाख छात्रों में से एक बताया है जो ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कई दिनों तक CBSE के विभिन्न टेंडर दस्तावेजों का अध्ययन और तुलना की। इसके बाद उन्होंने अपने निष्कर्षों को एक ब्लॉग के रूप में प्रकाशित किया।

ANI से बातचीत में सार्थक ने कहा,

“मैंने CBSE के टेंडर दस्तावेजों की तुलना करते हुए एक ब्लॉग लिखा है। इसमें कम से कम 15 विसंगतियां (Discrepancies) सामने आई हैं।”

ब्लॉग में क्या लगाए गए हैं आरोप?

‘How CBSE Rewrote Rules to Favour Coempt EduTeck’ शीर्षक वाले ब्लॉग में सार्थक ने आरोप लगाया है कि CBSE ने तीन चरणों की बोली प्रक्रिया के दौरान पात्रता और तकनीकी मानदंडों में बदलाव किए।

ब्लॉग की शुरुआत में उन्होंने लिखा,

“यह कहानी है कि किस प्रकार एक बड़े सार्वजनिक संस्थान ने अपने ही नियमों में बदलाव कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।”

सार्थक का दावा है कि टेंडर की विभिन्न शर्तों में किए गए संशोधनों से अंततः Coempt EduTeck Pvt Ltd को पात्रता हासिल करने में मदद मिली।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और मामले की आधिकारिक जांच या निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा मामला

छात्र के ब्लॉग के सामने आने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal सहित कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों की चिंताओं को सार्वजनिक मंचों पर उठाया है।

इसके बाद OSM प्रणाली और CBSE की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि OSM प्रणाली से जुड़े मुद्दों की जिम्मेदारी वह स्वयं लेते हैं।

उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों की शिकायतों और चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।

CBSE की ओर से क्या कदम उठाए गए?

CBSE ने घोषणा की है कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) प्रक्रिया के लिए पोर्टल 1 जून से खोला जाएगा।

बोर्ड अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि Coempt EduTeck को अब तक किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन और पूरक परीक्षाओं (Supplementary Exams) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध संबंधी कार्रवाई या दंडात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।

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