पेरिस हाउते कॉउचर वीक 2026 में भारतीय फैशन डिजाइनर Gaurav Gupta ने अपने नए कलेक्शन The Divine Androgyne के साथ फैशन को सिर्फ पहनावे से आगे ले जाकर चेतना, समय और ब्रह्मांडीय विचारों से जोड़ दिया। यह कलेक्शन केवल कपड़ों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक ऐसी कलात्मक यात्रा थी, जिसमें फैशन, अध्यात्म और वास्तुकला का गहरा संगम देखने को मिला।
गौरव गुप्ता का उद्देश्य इस बार शरीर को सजाने के साथ-साथ उसमें गति, ऊर्जा और चेतना को रूपायित करना था। उनके डिजाइन जीवंत प्रतीत हो रहे थे, मानो कपड़े नहीं, बल्कि कोई जीवित संरचना चल रही हो।
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मंदिर आभूषणों की भव्य वापसी, वैश्विक मंच पर भारतीय गर्व
इस कलेक्शन की सबसे खास बात रही पारंपरिक टेंपल ज्वेलरी का प्रयोग। दक्षिण भारत के चोल वंश से जुड़ी इस आभूषण शैली को कभी मंदिरों में देवी-देवताओं के श्रृंगार के लिए बनाया जाता था। बाद में यह भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य परंपरा का अहम हिस्सा बनी।
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गौरव गुप्ता ने इन्हीं ऐतिहासिक आभूषणों को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ते हुए मॉडल्स को भव्य हार, बाजूबंद, मांगटीका और विशेष नेल ज्वेलरी से सजाया। यह क्षण भारतीय ज्वेलरी कारीगरों के लिए गर्व का विषय रहा, जब उनकी विरासत वैश्विक फैशन मंच पर केंद्र में नजर आई।
ब्रह्मांडीय रंग, धातु और समय की अवधारणा
रनवे पर काले, सफेद और मेटैलिक रंगों का प्रभावशाली उपयोग देखने को मिला। सिल्वर टोन, ऑब्सीडियन ब्लैक और सॉफ्ट व्हाइट शेड्स ने अंतरिक्ष जैसा माहौल रचा। कपड़ों की संरचना में घूमते हुए हेलो, ऑर्बिट जैसी आकृतियां और धात्विक घुमाव यह दर्शा रहे थे कि यह कलेक्शन सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि एक कॉस्मिक अनुभव है।

कई परिधानों पर कढ़ाई किए गए घड़ी के डायल और ग्रहों के चिन्ह समय के चक्र और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक बने। इसके साथ ही, मोगरे (भारतीय जैस्मिन) को कपड़ों की संरचना में पिरोकर भारतीय सुगंध और सौंदर्य को आधुनिक वास्तुकला से जोड़ा गया।
फैशन से आगे एक दार्शनिक प्रस्तुति
‘The Divine Androgyne’ सिर्फ एक कलेक्शन नहीं बल्कि एक वैचारिक वक्तव्य था। इसमें मूर्तिकला जैसी डिजाइनिंग, प्रतीकात्मक कढ़ाई और नाटकीय प्रस्तुति के जरिए यह दिखाया गया कि फैशन भी दर्शन और संस्कृति का माध्यम बन सकता है।

गौरव गुप्ता ने इस कलेक्शन के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय शिल्प, आध्यात्म और आधुनिक डिजाइन जब एक साथ आते हैं, तो वे वैश्विक फैशन की दिशा तय कर सकते हैं।



