सिंगरौली जिले में इन दिनों एक अनोखी और अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। फ्रांस की रहने वाली शार्लेट ओलानिया सात समंदर पार कर भारत पहुंचीं और सिंगरौली के युवक संदीप कुमार सिंह के साथ पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंध गईं।
विवाह समारोह पूरी तरह पारंपरिक तरीके से आयोजित किया गया है। बुधवार को हल्दी की रस्म धूमधाम से संपन्न हुई, वहीं गुरुवार को दिनभर मेहंदी की रस्म चली। दुल्हन के हाथों में भारतीय पारंपरिक डिजाइनों की मेहंदी रचाई गई। रात में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से दोनों विवाह के बंधन में बंध गए हैं।दुल्हन का श्रृंगार सिंगरौली के चर्चित Nice Beauty Parlour में सगुफ्ता मोबिन द्वारा किया गया, जिसकी शहर में खूब सराहना हो रही है।
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बेल्जियम में हुई थी पहली मुलाकात
जानकारी के अनुसार संदीप सिंह पिछले करीब 11 वर्षों से काम के सिलसिले में यूरोप में रह रहे हैं। बेल्जियम में उनकी मुलाकात शार्लेट से हुई थी। दोनों की पहचान खेल गतिविधियों, खासकर टेनिस के दौरान हुई।
दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई और लगभग दो वर्षों तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला लिया। संदीप ने बताया कि उनका रिश्ता किसी औपचारिक प्रस्ताव से नहीं, बल्कि स्वाभाविक दोस्ती से प्रेम में बदला।
हिंदू परंपराओं में शादी करने की इच्छा
संदीप की इच्छा थी कि उनका विवाह भारतीय संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हो। शार्लेट ने भी इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से सिंगरौली में शादी की तारीख तय की गई।

मेहंदी, हल्दी, वरमाला, सात फेरे और विदाई जैसी सभी पारंपरिक रस्में पूरे विधि-विधान के साथ निभाई गईं। विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय संगीत पर नृत्य कर समारोह में रंग जमा दिया।
‘भारत आकर सपना हुआ सच’ – शार्लेट
शार्लेट ने कहा कि वह बचपन से भारत की संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं के बारे में सुनती आ रही थीं। भारतीय शादी की रस्में उन्हें हमेशा आकर्षित करती थीं। सिंगरौली आकर दुल्हन बनना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
उन्होंने भारतीय परिधान, आभूषण और परंपराओं को अपनाते हुए हर रस्म पूरे उत्साह और श्रद्धा से निभाई।।

दो संस्कृतियों का संगम बनी शादी
यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो देशों और संस्कृतियों का संगम भी है। आज के दौर में यह कहानी बताती है कि प्यार सरहदों का मोहताज नहीं होता। सिंगरौली की यह अनोखी शादी अब सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में तेजी से वायरल हो रही है।



