CIBIL Score Vs Credit Score: क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर में अंतर, जानें क्या है महत्व और कैसे बनाए रखें अच्छा स्कोर

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 21 Aug 2025, 03:03 PM IST | 1 min read
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CIBIL Score Vs Credit Score: जब भी आप Loan या Credit Card लेने की सोचते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपका CIBIL या Credit Score चेक करते हैं। अक्सर लोग Credit Score और cibil score को लेकर भ्रमित हो जाते हैं कि ये एक ही चीज़ हैं या अलग। हकीकत यह है कि दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, लेकिन इनमें अंतर है। आइए विस्तार से समझते हैं।

क्रेडिट स्कोर क्या है? (What is a credit score?)

Credit Score तीन अंकों की एक संख्या होती है, जो 300 से 900 तक होती है। क्रेडिट स्कोर (Credit Score) ही बताता है कि आप कितने भरोसेमंद हैं, क्या आप लोन चुका पाएँगे। आपका Credit Score जितना ज़्यादा होगा, बैंक का आप पर उतना ही ज़्यादा भरोसा होगा।

यह स्कोर कई कारकों पर निर्भर करता है:

आपका भुगतान इतिहास (Your payment history)

यानी, क्या आपने अब तक अपनी EMI या क्रेडिट कार्ड बिल (Credit Card Bill) समय पर चुकाए हैं।

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आपके कितने और किस प्रकार के क्रेडिट खाते हैं

  • जैसे पर्सनल लोन, कार लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड।
  • आपने हाल ही में कितनी बार नए Credit के लिए आवेदन किया है?

लोन-से-आय अनुपात (Debt-to-Income Ratio)

यदि आपका Loan अधिक है और आपकी आय कम है, तो आपका स्कोर कम हो सकता है।

भारत में RBI द्वारा मान्यता प्राप्त चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो हैं – ट्रांसयूनियन सिबिल, एक्सपेरियन, इक्विफैक्स और CRIF हाई मार्क। प्रत्येक कंपनी की गणना अलग-अलग होती है, इसलिए आपके स्कोर में थोड़ा अंतर हो सकता है।

सिबिल स्कोर क्या है? (What is CIBIL score?)

CIBIL score वास्तव में Credit Score का ही एक रूप है, लेकिन इसे TransUnion CIBIL नामक कंपनी तैयार करती है। भारत में, जब भी कोई बैंक या NBFC किसी को लोन देने की सोचता है, तो वे सबसे पहले इस स्कोर को देखते हैं। यह भी 300 से 900 के बीच होता है। 750 या उससे अधिक का स्कोर आपको प्रीमियम श्रेणी में रखता है, जिससे लोन जल्दी स्वीकृत होता है और ब्याज कम लगता है।

स्कोर बनाए रखने के तरीके 

  • EMI और बिल हमेशा समय पर चुकाएँ
  • लोन के लिए बार-बार आवेदन न करें
  • समय-समय पर अपनी रिपोर्ट देखें और किसी भी गलत प्रविष्टि या धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करें
  • खर्चों और आय के बीच संतुलन बनाए रखें
  • विभिन्न प्रकार के क्रेडिट (जैसे सुरक्षित + असुरक्षित) का सही मिश्रण बनाए रखें

क्रेडिट और सिबिल स्कोर क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Why are credit and CIBIL scores important?)

कई बार लोग सोचते हैं कि एक या दो EMI देर से चुकाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन हकीकत यह है कि एक छोटी सी चूक भी आपके स्कोर को काफी कम कर सकती है। आपका स्कोर जितना बेहतर होगा, आपको वित्तीय उत्पाद उतने ही सस्ते और तेज़ मिलेंगे। अगर आपका स्कोर खराब है, तो आपको ज़्यादा ब्याज दर पर लोन लेना पड़ सकता है या कभी-कभी लोन के लिए अस्वीकृत भी किया जा सकता है।

लोन के लिए Credit और CIBIL Score में कौन सा नंबर ज़्यादा महत्वपूर्ण है?

Loan लेते समय, बैंक आपके समग्र Credit Score को देखते हैं, लेकिन भारत में 90% से ज़्यादा मामलों में, CIBIL Score को सबसे पहले देखा जाता है। यानी, अगर आपका CIBIL स्कोर 750+ है, तो आपके लोन अप्रूव (Loan Approval) होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। दूसरी एजेंसियों के स्कोर भी काम करते हैं, लेकिन प्राथमिकता के मामले में CIBIL स्कोर हमेशा सबसे पहले आता है।

CIBIL Score और Credit Score को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ( Frequently asked questions about CIBIL Score and Credit Score)

प्रश्न 1. क्या CIBIL स्कोर और क्रेडिट स्कोर एक ही हैं?

नहीं, क्रेडिट स्कोर एक सामान्य शब्द है, जबकि CIBIL स्कोर विशेष रूप से ट्रांसयूनियन CIBIL द्वारा जारी किया जाता है।

प्रश्न 2. ऋण स्वीकृति के लिए कौन सा स्कोर अधिक महत्वपूर्ण है?

भारत में, बैंक सबसे पहले CIBIL स्कोर देखते हैं। 750+ का स्कोर अच्छे ऋण स्वीकृति और कम ब्याज दरों की संभावना को बढ़ाता है।

प्रश्न 3. क्रेडिट स्कोर कितना होना चाहिए?

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 तक होता है। 700 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि 750+ का स्कोर प्रीमियम श्रेणी में आता है।

प्रश्न 4. खराब क्रेडिट स्कोर के क्या कारण हैं?

समय पर EMI का भुगतान न करना, बार-बार ऋण/क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना और अत्यधिक ऋण लेना स्कोर को खराब कर देता है।

प्रश्न 5. क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें?

हमेशा समय पर बिल और EMI का भुगतान करें, पुराने ऋण खातों को समय पर बंद करें, रिपोर्ट में त्रुटियों को सुधारें और आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखें।

प्रश्न 6. क्या एक ही व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर अलग-अलग हो सकते हैं?

हाँ, भारत में चार मान्यता प्राप्त क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian, Equifax, CRIF High Mark) अलग-अलग स्कोर प्रदान करते हैं।

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