देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों द्वारा जबरन Insurance और अन्य वित्तीय उत्पाद बेचने की प्रथा पर सख्त रोक लगाने की तैयारी कर ली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा है कि बैंक अपने मुख्य कार्य यानी जमा स्वीकार करना और Loan देना पर ध्यान दें, न कि ग्राहकों पर दबाव डालकर Insurance बेचें।
पिछले कुछ महीनों में सरकार को बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं। इनमें ग्राहकों ने आरोप लगाया था कि बैंक कर्मचारी लोन, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य सेवाओं के साथ अनिवार्य रूप से Insurance लेने के लिए दबाव बनाते हैं। कई मामलों में ग्राहकों को सही जानकारी भी नहीं दी जाती थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता था।
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गलत तरीके से Insurance बेचने पर होगी सख्त कार्रवाई
वित्त मंत्री ने RBI अधिकारियों के साथ बैठक में साफ कहा कि मिस-सेलिंग (Bank Mis-selling Rules) यानी गलत तरीके से वित्तीय उत्पाद बेचना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्राहकों को गुमराह करने वाले बैंकों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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RBI ने 11 फरवरी 2026 को मिस-सेलिंग रोकने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी की थी। इन गाइडलाइन के अनुसार, अगर यह साबित होता है कि बैंक ने गलत जानकारी देकर कोई Insurance या अन्य उत्पाद बेचा है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा। साथ ही नुकसान की भरपाई भी बैंक को ही करनी पड़ेगी। इन नियमों पर 4 मार्च 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं और 1 जुलाई 2026 से इन्हें लागू करने की तैयारी है।

अब Loan के साथ Insurance लेना अनिवार्य नहीं होगा
सरकार और RBI ने साफ किया है कि बैंक किसी भी ग्राहक को Loan देने के बदले Insurance खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। इसे जबरन बंडलिंग कहा जाता है, जिसे अब पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।
अक्सर देखा गया है कि होम लोन या पर्सनल लोन लेते समय बैंक ग्राहक पर Insurance लेने का दबाव डालते हैं। जबकि कई ग्राहकों के पास पहले से ही लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस होता है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह प्रथा गलत है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
RBI और IRDAI मिलकर बना रहे हैं नया सिस्टम
ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए RBI और बीमा नियामक IRDAI मिलकर नए नियम तैयार कर रहे हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वर्तमान में बैंकिंग सिस्टम में जमा वृद्धि दर लगभग 12.5 प्रतिशत और लोन वृद्धि दर करीब 14.5 प्रतिशत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैंकिंग सिस्टम मजबूत है और ग्राहकों के हितों की रक्षा प्राथमिकता है।
ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार के इस फैसले से आम बैंक ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा होगा। अब ग्राहक अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार ही Insurance खरीद सकेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।



