वैढ़न पहुंचे राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सीताराम लांबा, छात्र संवाद अभियान को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

By: Om Prakash Shah

On: Thursday, July 23, 2026 11:53 AM

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सिंगरौली। राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सीताराम लांबा ने बुधवार को वैढ़न स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग कर रहे छात्रों पर दिल्ली में लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए।

राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री सीताराम लांबा ने बुधवार को वैढ़न स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पार्टी के ‘छात्र संवाद अभियान’ को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा ​सीताराम लांबा ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग को लेकर देशभर के छात्र दिल्ली में एकत्र हुए थे। वे सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे, लेकिन संवाद या समाधान के बजाय उन्हें पुलिस के लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट तथा उत्पीड़न किया गया, जो बेहद निंदनीय है। ​

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा​- सीताराम लांबा ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग को लेकर देशभर के छात्र दिल्ली में एकत्र हुए थे। वे सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे, लेकिन संवाद या समाधान के बजाय उन्हें पुलिस के लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट तथा उत्पीड़न किया गया, जो बेहद निंदनीय है।​उन्होंने आगे कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी सांसदों के साथ छात्रों की मांगों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखने जा रहे थे, तो उन्हें भी रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया गया। लांबा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध पर सीधा हमला बताया।

छात्रों की गूंजअभियान को किया जाएगा और तेज- सीताराम  ​लांबा के अनुसार, इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को और तेज कर दिया है।​यह अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों के कॉलेजों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।​उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में कम से कम 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इन अनियमितताओं, भर्ती में देरी और परीक्षाएं रद्द होने के कारण एक पूरी पीढ़ी का भविष्य संकट में आ गया है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें-

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा:- मधर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।​

  • गृहमंत्री का बयान:- छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और दमन पर केंद्रीय गृहमंत्री अपना बयान जारी करें और हस्तक्षेप करें।​
  • संसद में विशेष चर्चा:-परीक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था के संकट पर संसद में विशेष चर्चा कराई जाए।
  • ​स्वतंत्र जांच:- शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच हो।​
  • NTA को भंग करना:- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।

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