लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और इस्तीफे की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार रात पहली बार इस मुद्दे पर विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा देने का कोई संकेत नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस द्वारा किया गया धरना “जनता को असुविधा पहुंचाने वाला और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करने वाला” था।
राहुल गांधी के धरने पर साधा निशाना
प्रधान ने अपने बयान में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी “छात्रों का राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य समाधान निकालने के बजाय सुर्खियां बटोरना और टकराव की राजनीति करना है।
इस्तीफे की मांग पर नहीं दिया कोई संकेत
अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश के छात्रों को जवाबदेही, सुधार और स्पष्ट समाधान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“छात्रों को अराजकता नहीं बल्कि निश्चितता चाहिए। उन्हें नारों के बजाय समाधान और व्यवधान के बजाय जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। हमारी सरकार छात्रों को जवाब, सुधार और जवाबदेही देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे की मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की और न ही पद छोड़ने के संबंध में कोई संकेत दिया।
NEET-UG पेपर लीक के बाद तेज हुई मांग
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद लगातार उठ रही है। परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बाद लगभग 20 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी।
पिछले कुछ सप्ताह से इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हुए हैं।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद बढ़ा आंदोलन
आंदोलन को उस समय और गति मिली जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च के लिए निकले, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की।
वर्तमान में सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी भूख हड़ताल जारी है।
राहुल गांधी ने भी उठाई इस्तीफे की मांग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी सोमवार की पुलिस कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।
सरकार और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
सरकार का आरोप है कि कांग्रेस ने संसद में चर्चा के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को चुना, जबकि कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष और छात्र अपनी मांगें रखने के लिए स्वतंत्र हैं और सरकार यह तय नहीं कर सकती कि आंदोलन में कौन-सी मांग उठाई जाए।

