सिंगरौली नगर निगम का बड़ा एक्शन: करोड़ों की बकाया कर वसूली को लेकर कंपनियों को अंतिम नोटिस, कुर्की की चेतावनी

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UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 02 Jun 2026, 07:53 PM IST | 1 min read
Singrauli Nagar Nigam has made trade license mandatory for traders
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सिंगरौली नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निजी और लॉजिस्टिक कंपनियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। निगम आयुक्त सविता प्रधान के निर्देश पर बकायेदार कंपनियों को 15 दिनों के भीतर कर जमा करने को कहा गया है। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

बकाया कर वसूली को लेकर निगम प्रशासन सख्त

सिंगरौली नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली को लेकर निजी और लॉजिस्टिक कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान के निर्देश पर कर बकायेदार संस्थानों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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सिक्कल लॉजिस्टिक लिमिटेड पर लाखों रुपये का बकाया

नगर निगम के उपायुक्त आर.पी. बैस ने जानकारी देते हुए बताया कि एनसीएल निगाही परियोजना क्षेत्र में कार्यरत मेसर्स सिक्कल लॉजिस्टिक लिमिटेड पर संपत्तिकर की बड़ी राशि बकाया है।

कंपनी पर:

  • निगाही परियोजना क्षेत्र में ₹8,70,926 का संपत्तिकर बकाया
  • अमलोरी परियोजना क्षेत्र में ₹11,91,068 का संपत्तिकर बकाया

कुल मिलाकर कंपनी पर 20 लाख रुपये से अधिक का कर बकाया है।

पीसी पटेल इन्फ्रा पर भी कर बकाया

इसी प्रकार एनसीएल परियोजना क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रही मेसर्स पीसी पटेल इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर भी संपत्तिकर का बकाया पाया गया है।

नगर निगम के अनुसार कंपनी पर टिनशेड और पक्के भवन निर्माण के एवज में ₹7,81,769 का कर बकाया है।

15 दिन में जमा करना होगा पूरा कर

उपायुक्त आर.पी. बैस ने दोनों कंपनियों को सूचना प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर संपूर्ण बकाया कर राशि नगर निगम के अधिकृत कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह संबंधित कंपनियों को दिया गया अंतिम अवसर है।

भुगतान नहीं हुआ तो होगी कुर्की

नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो नगर पालिक निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित संस्थानों की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

प्रशासन ने कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।

राजस्व बढ़ाने के लिए चल रहा अभियान

नगर निगम द्वारा वर्तमान में बकाया कर वसूली अभियान चलाया जा रहा है। निगम प्रशासन का उद्देश्य लंबित राजस्व की वसूली कर विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी बड़े कर बकायेदारों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

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