कुरुद : धमतरी जिले के ग्राम परखंदा में प्रकृति की गोद और मानवीय लालच के बीच छिड़ा संघर्ष अब एक खौफनाक मंजर में तब्दील हो चुका है। रविवार की ढलती शाम उस वक्त सनसनी में बदल गई, जब प्रतिबंधित सरकारी नर्सरी की जमीन ने अपने भीतर दफन एक गहरा राज उगल दिया। रेत माफियाओं द्वारा अवैध रूप से की जा रही खुदाई के दौरान मिट्टी की परतों के नीचे दबा एक पुराना नर कंकाल बाहर निकल आया, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
इस विचलित कर देने वाली घटना का खुलासा तब हुआ जब कुछ ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों को जमीन से निकले मांस के लोथड़े नोंचते देखा। पास जाकर देखने पर ग्रामीणों के होश उड़ गए। वहां एक नर कंकाल पड़ा था जिसका सिर धड़ से अलग हो चुका था। अवशेषों के साथ मिले लंबे बाल और उनकी स्थिति को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी महिला का शव हो सकता है, जो लंबे समय से वहां दफन था। रेत माफिया की मशीनों ने जब जमीन का सीना चीरा, तो यह गहरा राज सतह पर आ गया।

‘नर्सरी’ जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में माफिया के हौसले इतने बुलंद
इस घटना ने ग्रामीणों के भीतर आक्रोश और दहशत का सैलाब भर दिया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ‘नर्सरी’ जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पेड़ों को जड़ों से उखाड़कर बेखौफ उत्खनन कर रहे हैं। साथ ही, ग्राम पंचायत पर भी माफिया को ‘मूक सहमति’ देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
मामला काफी पुराना
फिलहाल, कुरुद टीआई चंद्रकांत साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर लिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार यह मामला काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के बाद कंकाल का विधिवत अंतिम संस्कार किया जाएगा और मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।











