केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां अब घरों को तय समय में कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है।
क्या है नया नियम?
सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट किया है कि जहां PNG इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को 3 महीने के भीतर पाइप्ड गैस कनेक्शन लेना होगा।
यदि कोई परिवार जानबूझकर PNG कनेक्शन नहीं लेता है, तो उसकी LPG सप्लाई बाधित या बंद की जा सकती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है
- PNG उपयोग को बढ़ावा देना
- LPG पर निर्भरता कम करना
- ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना
सरकार का मानना है कि पाइप्ड गैस से सप्लाई अधिक सुरक्षित और लगातार बनी रहती है।
मोदी सरकार का बड़ा फैसल 👇
जिन इलाकों में PNG की पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां लोगों को LPG से PNG पर शिफ्ट होना होगा. इसके लिए उनको 3 महीने का वक्त मिलेगा.
अगर ऐसा नहीं किया तो LPG सिलेंडर का कनेक्शन रद्द कर दिया जाएगा.
सरकार ने कहा- LPG से PNG पर शिफ्ट होना देशहित में है. pic.twitter.com/lBxaFQdDMt
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) March 25, 2026
कंपनियों पर भी सख्ती
अब गैस वितरण कंपनियों को भी समय सीमा के भीतर कनेक्शन देना होगा। वे अब बहाने बनाकर देरी नहीं कर सकेंगी।साथ ही, स्थानीय स्तर पर पाइपलाइन बिछाने में बाधा डालने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
किन्हें मिलेगी छूट?
जहां तकनीकी कारणों से PNG कनेक्शन देना संभव नहीं होगा, वहां उपभोक्ताओं को इस नियम से छूट मिलेगी।
ऐसे मिलेगी जानकारी
सरकार उपभोक्ताओं को PNG उपलब्धता की सूचना देगी
- SMS के जरिए
- फोन कॉल या वॉयस मैसेज
- LPG डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से
देश में करीब 60 लाख घर ऐसे हैं, जहां PNG पाइपलाइन पहले से मौजूद है।










