Singrauli कलेक्टर का बड़ा एक्शन🔥राजस्व प्रकरणों की लापरवाही पर तहसीलदार अटैच, रीडर निलंबन के आदेश

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 05 Jan 2026, 09:19 PM IST | 1 min read
Gaurav Benal
Share:

सिंगरौली, 5 जनवरी 2026। जिले में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौरव बैनल ने तहसील कार्यालय सरई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति का गहन अवलोकन किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

कलेक्टर के निरीक्षण में यह तथ्य उजागर हुआ कि बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरण कई महीनों से लंबित थे। कुछ मामलों में पारित आदेशों का पालन नहीं किया गया था, जबकि कई प्रकरणों में तो नियत तिथि पर पेशी ही नहीं हुई। इन परिस्थितियों से यह स्पष्ट संकेत मिला कि न्यायालय का नियमित और प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री बैनल ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार सरई चन्द्र शेखर मिश्रा को कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी कर कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच किया गया है। वहीं, तहसीलदार के रीडर पुष्पेन्द्र द्विवेदी के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम स्पष्ट करता है कि राजस्व मामलों में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

 

Advertisement

View this post on Instagram

 

A post shared by UTN Hindi (@urjanchaltigernews)

निरीक्षण यहीं तक सीमित नहीं रहा। कलेक्टर द्वारा तहसील सरई के अंतर्गत वृत्त खनुआ स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का भी निरीक्षण किया गया। यहां भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनियमितता पाई गई। परिणामस्वरूप नायब तहसीलदार वृत्त खनुआ देवकरण सिंह तथा संबंधित न्यायालय के रीडर लखपति सिंह को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुए कलेक्टर ने उपखंड अधिकारी देवसर को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिवस के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यायालयों का संचालन नियमित और पारदर्शी रूप से किया जाए, ताकि राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके और आम जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

यह कार्रवाई सिंगरौली जिले में प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक कड़ा संदेश मानी जा रही है, जिससे भविष्य में राजस्व न्यायालयों के कामकाज में सुधार और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

ADVERTISEMENT