भोपाल। मध्यप्रदेश में असंगठित श्रमिकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत बड़ी सहायता राशि जारी की है। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से हितग्राहियों से बातचीत की और श्रमिक परिवारों को 225 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भेजी गई है। सभी खाते आधार से जुड़े हुए हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत विभिन्न स्थितियों में सहायता राशि दी जाती है।
मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी गई। अभी हाल ही में वर्चुअल कार्यक्रम में 225 करोड़ रुपये से अधिक राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई।
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प्रमुख लाभ
- सामान्य मृत्यु सहायता : 2 लाख रुपये
- दुर्घटना मृत्यु सहायता : 4 लाख रुपये
- अंत्येष्टि सहायता : 5 हजार रुपये
- आंशिक दिव्यांगता सहायता : 1 लाख रुपये
- स्थायी दिव्यांगता सहायता : 2 लाख रुपये
- महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता : 16 हजार रुपये
- अंतिम संस्कार सहायता : 5 हजार रुपये
इसके अलावा, श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार उठाती है। यह खर्च महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत किया जाता है।
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रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
- नए श्रमिक और पहले अपात्र घोषित श्रमिक फिर से आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी।
- पंजीयन के लिए संबल पोर्टल http://sambal.mp.gov.in/ पर कर सकते हैं।
- पंजीयन के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण के पश्चात कार्ड डाउनलोड करें।
सरकार ने कहा है कि यह योजना कमजोर और असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मजदूर परिवारों को मुश्किल समय में राहत मिलती है।



