संसद में हाल ही में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ विधेयक पर चर्चा के दौरान एक नया विवाद सामने आया। यह विवाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की टिप्पणी से शुरू हुआ। उनके एक बयान पर बीजेपी भड़क उठी और इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताया।
दरअसल, चर्चा के दौरान संजय सिंह ने ‘राम’ और ‘हराम’ शब्दों का संदर्भ लेते हुए एक पुराना प्रसंग सुनाया। बीजेपी सांसदों ने इसे आपत्तिजनक बताया और सदन में हंगामा मचा दिया।
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विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर संजय सिंह के भाषण का वीडियो वायरल हुआ। बीजेपी ने आरोप लगाया कि AAP नेता हिंदू भावनाओं का अपमान कर रहे हैं।
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राम के नाम के साथ ‘हराम’ का मेल — यही है इनकी घृणित और विकृत मानसिकता!
Advertisementयह सिर्फ संजय सिंह का बयान नहीं, करोड़ों हिंदुओं की आस्था, मर्यादा और विश्वास पर सीधा और सोचा-समझा हमला है। pic.twitter.com/0ey4yXbSGo
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) December 19, 2025
AAP नेता संजय सिंह का पूरा बयान क्या था सुनिए
संजय सिंह ने सफाई दी कि उन्होंने खुद कुछ नया नहीं कहा। उनका बयान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पुराने भाषण पर आधारित था। उन्होंने कहा कि बीजेपी को तथ्यों की जांच करनी चाहिए, न कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करना।
“राम” चरित्र का नाम है
“राम” मर्यादा का नाम है
“राम” आदर्श का नाम है
“राम” के नाम में चरित्र होना चाहिए वर्ना तो हराम में भी राम लिखा हुआ है
: @SanjayAzadSln merely Quoted Atal Bihari Vajpayee ji, as Usual BJP is getting Nasty & misquoting his speech. pic.twitter.com/rmILlexPaE— Aarti (@aartic02) December 19, 2025
बीच में एक पुराना वीडियो सामने आया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बयान दिखाया गया। इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ नेताओं ने कहा कि बीजेपी खुद पहले ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर चुकी है।
जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा हराम में भी राम होता है, देखिए वीडियो
इस विवाद ने ट्विटर और फेसबुक पर गर्माहट बढ़ा दी है। दोनों पार्टियों के समर्थक लगातार एक-दूसरे पर टिप्पणी कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक फायदा का जुगाड़ हैं। जिससे आम मतदाता भ्रमित होता है और मुद्दे से हट जाता है।



