दुकान पर मोलभाव करते समय अक्सर लोग अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंत में न तो सही डील मिलती है और न ही संतोष। यही स्थिति नौकरी, रिश्तों और बिजनेस में भी देखने को मिलती है।
अब एक नई सोच सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि नेगोशिएशन लड़ाई नहीं बल्कि समझदारी का खेल है। सही तरीका अपनाकर बिना बहस के भी अपनी बात मनवाई जा सकती है।
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नेगोशिएशन का पुराना तरीका क्यों हो रहा फेल?
अक्सर लोग कीमत कम करने या अपनी शर्त मनवाने के लिए बहस करते हैं या जिद पकड़ लेते हैं।
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इससे दो ही नतीजे निकलते हैं..
- या तो बात बिगड़ जाती है
- या फिर मन मारकर समझौता करना पड़ता है
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तरीका अब पुराना और अप्रभावी हो चुका है।
नई रिसर्च: ऐसे पाएं हर बार “हां”
1. पोजीशन नहीं, इंटरेस्ट समझें
सामने वाला क्या कह रहा है, यह नहीं – क्यों कह रहा है, यह समझना जरूरी है।How to Make Anyone Say Yes
जैसे,
खिड़की खोलने की मांग असल में “ताजी हवा” की जरूरत हो सकती है।
2. फेयर स्टैंडर्ड अपनाएं
बहस की जगह किसी निष्पक्ष नियम या मार्केट रेट का सहारा लें।
इससे बातचीत “मैं बनाम तुम” से हटकर “हम बनाम समस्या” बन जाती है।
3. दोनों के फायदे का समाधान खोजें
50-50 बांटना हमेशा सही नहीं होता।
जैसे संतरे के उदाहरण में
अगर जरूरत समझ ली जाए तो दोनों को 100% फायदा मिल सकता है।
4. इंसान और समस्या को अलग रखें
सबसे बड़ी गलती होती है बात को पर्सनल बना लेना।
याद रखें
- इंसान के साथ नरम रहें
- समस्या पर सख्त रहें
लोकल असर / आम लोगों के लिए क्या मायने?
यह तरीका रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है..
- बाजार में खरीदारी
- नौकरी में सैलरी बढ़ाना
- किराए या प्रॉपर्टी डील
- परिवार में निर्णय लेना
स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भी इससे विवाद कम हो सकते हैं और बेहतर डील संभव है।How to Make Anyone Say Yes
जिंदगी को आसान बनाने के लिए पढ़िए
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FAQ
Q1. नेगोशिएशन का सबसे जरूरी नियम क्या है?
सामने वाले की असली जरूरत (इंटरेस्ट) समझना।
Q2. क्या बहस से बेहतर डील मिल सकती है?
नहीं, बहस अक्सर स्थिति खराब करती है।
Q3. क्या यह तरीका हर जगह काम करता है?
जी हां, नौकरी, बिजनेस और रिश्तों में भी लागू होता है।




