जयपुर में फूड सेफ्टी अधिकारियों ने जोरदार निरीक्षण के दौरान गौरव टावर स्थित McDonald’s आउटलेट में भोजन सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन का सामना किया। जांच में उपयोग किए जा रहे तलने वाले तेल में Total Polar Compounds (TPC) स्तर तय अधिकतम सीमा से काफी ऊपर पाया गया, जिससे स्वास्थ्य के गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। अधिकारियों ने लगभग 40 लीटर दूषित तेल मौके पर ही नष्ट किया और ताजा तेल उपयोग का आदेश दिया गया।
तेल गुणवत्ता परीक्षण और स्वास्थ्य जोखिम
तलने के लिए उपयोग में लाए जा रहे रिफाइंड पामोलीन तेल का TPC मान वह सुरक्षित सीमा 25% से ऊपर रहा। नॉन-वेग तली वस्तुओं के तेल में यह मान 28% और शाकाहारी तली वस्तुओं के तेल में 31% दर्ज किया गया, जो विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर कारक तत्वों और उच्च ट्रांस फैट के जोखिम से जुड़ा है। इसी कारण तेल “बहुत काला तथा अनुपयुक्त” बताया गया, फिर भी यह लगभग 150°C तापमान पर दिनभर उपयोग में लाया जा रहा था।
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स्टोरेज और स्वच्छता उल्लंघन
निरीक्षण टीम को रेस्टोरेंट के कोल्ड रूम में लगभग 40 किलोग्राम सड़े-गले टमाटर भी मिले, जो प्लास्टिक कैरेट में रखे थे। अधिकारियों ने इन्हें भी नष्ट कर दिया और व्यवस्थापकों से कहा कि स्टोरेज और इनपुट सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान दें।

नियामक कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा रेस्टोरेंट प्रबंधक संभव भद्रवाज को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। फूड सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत इस आउटलेट को सुधार नोटिस जारी किया गया है और नमूनों की विस्तार से लैब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
McDonald’s की प्रतिक्रिया
McDonald’s इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी नियमन अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। बयान में यह भी कहा गया कि संगठन वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन करता है और खाद्य सुरक्षा तथा गुणवत्ता को अपनी प्राथमिकता मानता है।
फूड सेफ्टी नेटवर्क का संदेश
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि चाहे आउटलेट किसी भी बड़े ब्रांड का हो, उपभोक्ता स्वास्थ्य से समझौता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। यह जांच उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी भी है कि भोजन की गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहें



