सिंगरौली, 8 जनवरी 2026।। किसानों को खाद के लिए घंटों कतार में लगने, धक्का-मुक्की और विवादों से अब राहत मिलने जा रही है। कृषि विभाग ने खाद वितरण को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए “ई-विकास प्रणाली” शुरू करने की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत किसान e-token के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकेंगे, जिसे वे घर बैठे अपने मोबाइल फोन से बुक कर पाएंगे।
उप संचालक कृषि के अनुसार यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जा रही है। इसके शुरू होते ही खाद वितरण की प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी, जिससे किसानों का समय बचेगा और अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण होगा।
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e-token : मोबाइल से होगी पूरी प्रक्रिया
नई प्रणाली के तहत किसान etoken.mpkrishi.org पोर्टल पर जाकर अपने आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे। लॉगिन के बाद किसान अपनी एग्रीस्टेक (फार्मर आईडी) से कृषि भूमि का विवरण अपडेट करेंगे। इसके पश्चात मौसम और फसल का चयन करने पर पोर्टल पर फसल एवं भूमि के अनुसार उर्वरक की गणना स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी।
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स्टॉक की जानकारी और विक्रेता का चयन
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की एक बड़ी खासियत यह है कि किसान मार्कफेड, सहकारी समितियों और निजी खाद दुकानों में उपलब्ध खाद के स्टॉक की जानकारी एक ही जगह देख सकेंगे। अपनी सुविधा के अनुसार विक्रेता का चयन करने के बाद किसान e-token बुक कर पाएंगे और तय समय पर खाद प्राप्त कर सकेंगे।
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किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
यह नई व्यवस्था खाद वितरण में पारदर्शिता, समय की बचत और विवादों में कमी लाने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ई-टोकन प्रणाली से न केवल किसानों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि खाद की कालाबाजारी और अव्यवस्थित वितरण पर भी रोक लगेगी।
कुल मिलाकर, e-token आधारित खाद वितरण प्रणाली किसानों के लिए एक बड़ा सुधार साबित होने जा रही है, जो खेती को तकनीक से जोड़कर इसे अधिक आसान और सुलभ बनाएगी।



