मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना में VHP नेता सोहल ठाकुर पर हमले से सांप्रदायिक हिंसा भड़की। बसें जलीं, घर टूटे। पुलिस ने 20 लोगों को पकड़ा। CM मोहन यादव ने दी चेतावनी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना शहर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक युवा नेता पर हमले के बाद दो दिनों तक तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। यह घटना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले में हुई है। इससे राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ गई।
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हिंसा गुरुवार रात शुरू हुई। VHP के गौ सेवा प्रकोष्ठ प्रमुख सोहल ठाकुर बुंदेला पर हमला हुआ। कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने यह किया। बहस घूरने को लेकर शुरू हुई। फिर यह हिंसक हो गई। ठाकुर को कई चोटें आईं।
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हमले के बाद दोनों समुदाय सड़कों पर उतर आए। पत्थरबाजी हुई। बस स्टैंड पर 11 बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। कारें और बाइकें भी टूट गईं। पुलिस पहुंची। देर रात स्थिति काबू में आई। हमलावरों पर केस दर्ज हुआ। BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगाई गई।
शुक्रवार दोपहर तनाव फिर बढ़ा। जुमे की नमाज के बाद झड़पें हुईं। हथियारबंद लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस बेबस हो गई। जिले से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। वाहनों, घरों और दुकानों को नुकसान हुआ। एक समुदाय की महिलाओं ने कहा कि हथियारबंद लोग उनके इलाके में घुसे। उन्होंने घरों पर पत्थर फेंके। पूजा स्थल को निशाना बनाने की कोशिश हुई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें पुलिस के सामने हथियार लहराते लोग दिख रहे हैं। बंद घरों में घुसने की कोशिश हो रही है। शहर में ऐसा इतिहास नहीं था।
पुलिस ने शुक्रवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। VHP समर्थकों ने पुलिस स्टेशन पर विरोध किया। उन्होंने मांग की कि गिरफ्तारों को परेड कराया जाए। उनके घर तोड़े जाएं। कुल 13 बसें और 10 कारें क्षतिग्रस्त हुईं। एक बस में आग लगाई गई। 4-6 घर टूटे।

उज्जैन SP प्रदीप शर्मा ने कहा, “हमने 15-20 लोगों को पकड़ा है। CCTV और वीडियो से बाकी की तलाश कर रहे हैं। सख्त कार्रवाई होगी।”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चेतावनी दी। वे दावोस से लौटे थे। उन्होंने कहा, “हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों पर सख्ती होगी।”
तराना के काजी सफीउल्लाह और कांग्रेस विधायक महेश परमार ने शांति की अपील की। उन्होंने कहा, “आपराधिक घटना के दोषियों को सजा मिले। निर्दोषों को नुकसान न हो। शहर में दंगों का इतिहास नहीं है।”



