पेट्रोल कार या Flex-Fuel Car? E85 फ्यूल लॉन्च के बाद जानिए कौन सी गाड़ी भविष्य में देगी ज्यादा फायदा.

By: UTN Hindi ।। Digital Team

On: Monday, June 8, 2026 6:25 PM

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भारत ने E85 फ्यूल लॉन्च कर वैकल्पिक ईंधन की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में Flex-Fuel Vehicles (FFVs) देश की सड़कों पर आम हो सकते हैं।

E85 फ्यूल में 80-85 प्रतिशत एथेनॉल और 15-20 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इसे विशेष रूप से Flex-Fuel Vehicles के लिए विकसित किया गया है, जो विभिन्न स्तर के एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकते हैं।

भारत ने E85 फ्यूल की शुरुआत के साथ Flex-Fuel Mobility की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। E85 में 80-85% एथेनॉल और 15-20% पेट्रोल होता है। सरकार का लक्ष्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि Flex-Fuel Vehicles की सफलता ईंधन उपलब्धता, वाहन कीमत और माइलेज जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।

E85 फ्यूल क्या है?

E85 एक उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसे पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है। भारत सरकार का मानना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित स्रोतों से होता है।

दिल्ली में E85 की कीमत लगभग ₹82.12 प्रति लीटर रखी गई है, जो सामान्य पेट्रोल से करीब ₹20 प्रति लीटर कम है।

क्या Flex-Fuel Vehicles भारत का भविष्य हैं?

सरकार और उद्योग जगत दोनों Flex-Fuel Technology को बढ़ावा दे रहे हैं। हाल के महीनों में कई कंपनियों ने Flex-Fuel वाहन पेश किए हैं।

प्रमुख उदाहरण

  • Maruti Suzuki ने Flex-Fuel WagonR पेश की है।
  • Hero MotoCorp ने Splendor+ Flex Fuel और HF Deluxe Flex Fuel मॉडल लॉन्च किए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की उपलब्धता बढ़ती है और वाहन निर्माता अधिक मॉडल बाजार में लाते हैं, तो Flex-Fuel Vehicles भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

हालांकि E85 पेट्रोल से सस्ता है, लेकिन इसकी ऊर्जा क्षमता कम होने के कारण माइलेज में गिरावट आ सकती है। यानी कम कीमत का कुछ फायदा कम फ्यूल एफिशिएंसी से संतुलित हो सकता है।

इसके अलावा

1. सीमित ईंधन उपलब्धता

फिलहाल E85 केवल चुनिंदा शहरों और पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शुरुआती चरण में दिल्ली-NCR, मुंबई, पुणे और नागपुर के लगभग 50 पंपों से इसकी शुरुआत हुई है।

2. वाहन संगतता

सामान्य पेट्रोल कारें E85 का उपयोग नहीं कर सकतीं। इसके लिए विशेष Flex-Fuel इंजन की आवश्यकता होती है।

3. उपभोक्ता जागरूकता

अधिकांश वाहन मालिक अभी भी E20 और E85 के बीच अंतर तथा उनके प्रभावों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।

Normal Petrol Cars vs Flex-Fuel Cars: क्या है अंतर?

फीचर नॉर्मल पेट्रोल कार (E10/E20) फ्लेक्स-फ्यूल कार (E85 तक)
ईंधन का प्रकार 10% से 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल 20% से 85% तक एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E85)
इंजन तकनीक सामान्य पेट्रोल इंजन विशेष फ्यूल इंजेक्शन, ECU और सेंसर सिस्टम से लैस
ईंधन संगतता केवल E10 या E20 तक E20, E85 और कुछ मामलों में E100 तक
माइलेज सामान्य माइलेज एथेनॉल की अधिक मात्रा के कारण माइलेज में कुछ कमी आ सकती है (The Times of India)
ईंधन की कीमत सामान्य पेट्रोल, अपेक्षाकृत महंगा E85 पेट्रोल से लगभग ₹20 प्रति लीटर सस्ता (Reuters)
पर्यावरण प्रभाव अधिक कार्बन उत्सर्जन अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन और अधिक पर्यावरण-अनुकूल (The Times of India)
वाहन लागत सामान्य कीमत तकनीकी बदलावों के कारण थोड़ी अधिक कीमत हो सकती है (BikeWale)
भविष्य की उपयोगिता वर्तमान में सबसे अधिक प्रचलित सरकार की एथेनॉल नीति के कारण भविष्य के लिए तैयार तकनीक (The Times of India)

क्या फ्लेक्स-फ्यूल कार खरीदना फायदेमंद होगा?

यदि आपके क्षेत्र में E85 फ्यूल उपलब्ध है और आप लंबे समय तक वाहन रखने की योजना बना रहे हैं, तो फ्लेक्स-फ्यूल कारें ईंधन लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहतर विकल्प बन सकती हैं। हालांकि वर्तमान समय में E85 की उपलब्धता सीमित है और सामान्य पेट्रोल कारें इस ईंधन का उपयोग नहीं कर सकतीं।

सरकार की क्या है योजना?

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 के अंत तक देश में लगभग 500 E85 डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और 2027 तक इनकी संख्या 5000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, तेल आयात का खर्च घटेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलेगा।

भारत ने 2025 में E20 ब्लेंडिंग लक्ष्य हासिल कर लिया था। इसके बाद सरकार अब E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधनों की दिशा में आगे बढ़ रही है। हाल ही में मोटर वाहन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी लाया गया है ताकि उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

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