जिले में राशन दुकानों की निगरानी को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देश पर चल रहे जांच अभियान के तहत लक्ष्मी मार्केट स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़ी अनियमितता सामने आई है।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर खामियां पाई गईं। दुकान पर न तो स्टॉक रजिस्टर अद्यतन मिला और न ही मूल्य सूची प्रदर्शित थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
निरीक्षण के दौरान दुकान परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव देखा गया। एक कमरे में दीवार के पास बजरी और मिट्टी जमा पाई गई, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ी गड़बड़ी स्टॉक के भौतिक सत्यापन में सामने आई। मौके पर चावल 32 किलोग्राम और गेहूं 31 किलोग्राम कम पाया गया।
पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक के बीच यह अंतर प्रशासन की नजर में गंभीर अनियमितता माना गया है।
निरीक्षण दल की रिपोर्ट के आधार पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने विक्रेता रमेश गुप्ता और सहायक विक्रेता अम्बिका प्रसाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यह कृत्य म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 13(2) का उल्लंघन है।
साथ ही यह मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय माना गया है।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
- जिले में राशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती दिखा रहा है। लक्ष्मी मार्केट की यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब लापरवाही और गड़बड़ी पर सीधे कार्रवाई होगी।











