वैश्विक ऊर्जा बाजार में चल रहे तनाव के बीच भारत ने रूस से तेल आयात बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च महीने की शुरुआत में भारत की रूस से तेल खरीद लगभग 45 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई में बाधा के कारण भारत ने वैकल्पिक स्रोतों पर जोर दिया है। रूस से तेल आयात बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में भारत की रणनीति वैश्विक तेल बाजार को भी प्रभावित कर सकती है। इससे घरेलू ईंधन कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।











