मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में चने की कीमत अचानक गिरने से किसान नाराज हो गए हैं। कम दाम मिलने से कई किसानों ने मंडी में विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने की मांग की।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस साल चने की फसल अच्छी हुई है, लेकिन बाजार में अचानक कीमतें गिर गई हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि मंडी में व्यापारियों द्वारा कम कीमत लगाई जा रही है।
ताजा मंडी आंकड़ों के अनुसार खरगोन क्षेत्र की कुछ मंडियों में चने का न्यूनतम भाव करीब 4,900 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है, जो कई किसानों के लिए लागत के आसपास माना जा रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि सरकार समय पर समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं करती है तो उन्हें मजबूरी में अपनी उपज सस्ते दाम पर बेचनी पड़ेगी। कई किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और सरकारी खरीद केंद्र खोलने की मांग की है।
मंडी में विरोध के दौरान कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया। किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर चना खरीदी शुरू कराने और बाजार में दाम स्थिर करने की मांग रखी।
जिला प्रशासन ने किसानों की नाराजगी को देखते हुए स्थिति की समीक्षा करने का भरोसा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मंडी के हालात पर नजर रखी जा रही है और किसानों की समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।











