एक समय था जब तांबे का इस्तेमाल केवल बिजली के तारों और पाइपों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका पूरी तरह बदल चुकी है। आज तांबा डिजिटल क्रांति और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) का सबसे अहम आधार बन गया है। यही कारण है कि दुनिया भर के निवेशक इसे अब ‘नया सोना’ कहने लगे हैं।
- तांबा अब सिर्फ धातु नहीं, भविष्य की रीढ़ बन चुका है
विशेषज्ञों के अनुसार, तांबा अब केवल कंस्ट्रक्शन या रियल एस्टेट से जुड़ा चक्रीय धातु नहीं रहा, बल्कि यह EV, सोलर एनर्जी, डेटा सेंटर्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी का प्रमुख घटक बन चुका है।
2026 तक तांबे की भारी किल्लत की आशंका
कमोडिटी मार्केट से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि 2026 तक वैश्विक स्तर पर तांबे की ‘Structural Shortage’ देखने को मिल सकती है।
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि:
- नई खदान शुरू होने में 10–15 साल लगते हैं
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है
- पुराने खनन क्षेत्रों में उत्पादन घट रहा है
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की कीमतें कई बार $13,000 प्रति टन के स्तर को पार कर चुकी हैं।
विशेषज्ञों की राय: ‘न्यू एज गोल्ड’ है कॉपर
वेल्थ एक्सपर्ट अद्वैत अरोड़ा (Founder, Wealth Enrich) के अनुसार, “अब निवेशकों को तांबे को पारंपरिक धातु नहीं बल्कि फ्यूचर एसेट के रूप में देखना चाहिए। यह सीधे इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी की ग्रोथ से जुड़ा है।” उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में तांबा उन निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकता है जो लॉन्ग टर्म सोच रखते हैं।
निवेश के लिए टॉप 3 कॉपर ETF
हालांकि भारत में अभी कोई डायरेक्ट कॉपर ETF उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारतीय निवेशक विदेशी प्लेटफॉर्म के जरिए इसमें निवेश कर सकते हैं।
1. Global X Copper Miners ETF (COPX)
- AUM: लगभग $5.83 बिलियन
- 40+ बड़ी माइनिंग कंपनियों में निवेश
- Expense Ratio: 0.65%
- सबसे भरोसेमंद कॉपर ETF माना जाता है
2. United States Copper Index Fund (CPER)
- सीधे कॉपर फ्यूचर्स को ट्रैक करता है
- बीते एक साल में करीब 38% रिटर्न
- शुद्ध कॉपर प्राइस मूवमेंट पर आधारित
3. iShares Copper & Metals Mining ETF (ICOP)
- लॉन्च: 2023
- 2025 में लगभग 78% रिटर्न
- कॉपर के साथ अन्य इंडस्ट्रियल मेटल्स में निवेश
भारतीय निवेशक कैसे करें निवेश?
भारतीय निवेशक RBI की LRS स्कीम के तहत इन ETFs में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- Currency Risk – डॉलर-रुपया उतार-चढ़ाव असर डाल सकता है
- Taxation – TCS और Capital Gain Tax लागू
- Expense Ratio – विदेशी फंड्स में फीस ज्यादा होती है
निवेश से पहले जरूरी चेतावनी
- हालांकि तांबे का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, लेकिन यह सोना नहीं है।
- वैश्विक मंदी में इसकी मांग गिर सकती है
- चिली और पेरू जैसे देशों की राजनीतिक अस्थिरता कीमतों को प्रभावित कर सकती है
- यह एक High Risk – High Return Asset है
इसलिए पोर्टफोलियो में इसे सीमित हिस्से के रूप में शामिल करना समझदारी होगी।











