बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिल रहा है। लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता संभालने वाले Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस निर्णय के साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होने जा रही है, जहां पहली बार Bharatiya Janata Party (भाजपा) अपने नेतृत्व में सरकार बनाएगी।
नए मुख्यमंत्री के रूप में वर्तमान उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary का नाम तय किया गया है। उनका शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे Raj Bhavan में आयोजित किया जाएगा। सम्राट चौधरी वर्तमान में गृह विभाग संभाल रहे हैं और उन्हें बिहार में भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सम्राट चौधरी का उभार पिछले सात वर्षों में काफी तेज रहा है। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया।
इस बदलाव को औपचारिक रूप देने के लिए भाजपा विधायक दल की बैठक पटना में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में Shivraj Singh Chouhan मौजूद रहे। इस बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया।
नई सरकार के गठन में सहयोगी दल Janata Dal (United) (जेडीयू) की भी महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार में जेडीयू के दो उपमुख्यमंत्री होंगे, जिनमें विजय कुमार चौधरी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
गौरतलब है कि बिहार में भाजपा और जेडीयू लंबे समय से गठबंधन में सरकार चला रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री पद हमेशा नीतीश कुमार के पास ही रहा। अब पहली बार भाजपा अपने मुख्यमंत्री के साथ सत्ता में आएगी, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन आगामी चुनावों और राज्य की नीतियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। अब देखना होगा कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है और बिहार के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।










