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सिंगरौली में पुलिस लाइन पुलिया मामले पर बड़ा एक्शन, 50 लाख की वसूली का नोटिस

सिंगरौली में सीवरेज निर्माण से सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में निगम ने ठेका एजेंसी और 4 तकनीकी अधिकारियों को 50 लाख की क्षतिपूर्ति का नोटिस दिया।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 25 Aug 2026, 10:19 AM IST | 1 min read
सिंगरौली में पुलिस लाइन पुलिया मामले पर बड़ा एक्शन, 50 लाख की वसूली का नोटिस
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सिंगरौली। शहर में सीवरेज निर्माण के नाम पर सड़क और पुलिया को हुए नुकसान के मामले में नगर पालिक निगम सिंगरौली ने अब सख्त रुख अपनाया है। पुलिस लाइन के पास बैढ़न-तैलाई-मकरोहर सड़क मार्ग पर सीवरेज पाइपलाइन डालने के दौरान कथित तकनीकी लापरवाही और बिना अनुमति रोड क्रॉसिंग किए जाने के मामले में निगम प्रशासन ने संबंधित निर्माण एजेंसी के साथ अपने तकनीकी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने निर्माण एजेंसी मैसर्स एनवायर्ड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, कानपुर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। वहीं कार्य की निगरानी में लापरवाही के आरोप में कार्यपालन यंत्री संतोष पाण्डेय, प्रभारी सहायक यंत्री इंद्रवेश यादव, प्रभारी सहायक यंत्री अमिताभ यादव और उपयंत्री जितेंद्र कुमार को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

निगम प्रशासन ने मामले में करीब 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित की है।

पुलिस लाइन के पास सड़क और पुलिया को हुआ नुकसान

मामला पुलिस लाइन के पास बैढ़न-तैलाई-मकरोहर सड़क मार्ग का है, जहां अमृत 1.0 परियोजना के तहत सीवरेज पाइपलाइन डालने का काम किया गया।

निगम प्रशासन के अनुसार पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की परतवार समतलीकरण और बहाली का काम निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार नहीं किया गया। इसके चलते सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ और आम लोगों के लिए आवागमन तथा सुरक्षा से जुड़ी समस्या पैदा हुई।

प्रशासन ने इसे निर्माण कार्य की गंभीर लापरवाही माना है।

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बिना अनुमति एमपीआरडीसी की सड़क पर रोड क्रॉसिंग

जांच में एक और महत्वपूर्ण लापरवाही सामने आने की बात निगम प्रशासन ने कही है।

जिस सड़क मार्ग पर सीवरेज पाइपलाइन के लिए रोड क्रॉसिंग की गई, वह मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के स्वामित्व में है।

निगम प्रशासन के अनुसार संबंधित निर्माण एजेंसी ने एमपीआरडीसी से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना सड़क क्रॉसिंग का कार्य किया।

इसके अलावा रोड क्रॉसिंग और सड़क बहाली के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली का मामला

निगम प्रशासन के अनुसार निर्माण कार्य में हुई कथित लापरवाही के कारण एमपीआरडीसी की सड़क को करीब 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।

इसी नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी से क्षतिपूर्ति राशि वसूलने की कार्रवाई की जा रही है।

निगम ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी थी कि काम के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करे और निर्माण पूरा होने के बाद उसे निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार पूर्व स्थिति में बहाल करे।

अधिकारियों की निगरानी पर भी उठे सवाल

मामले में निगम प्रशासन ने सिर्फ निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार नहीं माना है। कार्य की निगरानी करने वाले तकनीकी अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

कार्यपालन यंत्री संतोष पाण्डेय को जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित एजेंसी द्वारा एमपीआरडीसी के सड़क मार्ग पर बिना अनुमति रोड क्रॉसिंग का काम किया गया, लेकिन उसका समुचित पर्यवेक्षण नहीं किया गया।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कार्य के लिए नियुक्त सहायक यंत्री और उपयंत्री पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं रखा गया।

इन तीन तकनीकी अधिकारियों को भी नोटिस

नगर निगम ने मामले में प्रभारी सहायक यंत्री इंद्रवेश यादव, प्रभारी सहायक यंत्री अमिताभ यादव और उपयंत्री जितेंद्र कुमार को भी नोटिस जारी किया है।

निगम प्रशासन के अनुसार अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्माण कार्य की निगरानी, गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को सुनिश्चित करना था।

अब संबंधित अधिकारियों से उनके स्तर पर हुई निगरानी और कार्यवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

तीन दिन में देना होगा जवाब

निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।

निगम प्रशासन के अनुसार प्राप्त जवाबों का परीक्षण किया जाएगा। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण एजेंसी के मामले में निगम ने क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता

सड़क निर्माण या सीवरेज जैसी परियोजनाओं में तकनीकी मानकों का पालन केवल गुणवत्ता का विषय नहीं है। सड़क की सही तरीके से बहाली नहीं होने पर वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।

पुलिस लाइन के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में निगम प्रशासन ने भी आमजन की सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना है।

अब जांच और संबंधित अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के स्पष्टीकरण के बाद यह तय होगा कि लापरवाही की वास्तविक जिम्मेदारी किस स्तर पर थी और 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली की कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ती है।

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● बलियरी रोड, रामलीला मैदान के पीछे, बैढ़न, जिला-सिंगरौली (म.प्र.) 486886