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समोसा (Samosa) बनाने और खाने पर यहां मिलती है सजा !

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 05 Mar 2022, 07:34 PM IST | 1 min read
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समोसा (Samosa) हर किसी का पसंदीदा है। जब भी हम किसी स्नैक्स (Snacks) की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम समोसा ही आता है। पर एक जगह ऐसी भी है, जहां समोसा (Samosa) खाना ही नहीं इसे खरीदना और बनाना भी बैन है। आपको सुनकर शायद यकीन ना हो, पर यह सच है। हम बात कर रहे हैं सोमालिया की।

समोसा (Samosa) हर किसी का फेवरेट है। हम भारतीयों में शायद ही कोई ऐसा हो जिसे समोसा (Samosa) पसंद ना हो। कोई भी मौका हो,हम उसे समोसे के साथ स्पेशल बना लेते हैं। हाल ही में फूड डिलीवरी ऐप स्विग्गी (Swiggy) ने एक सर्वे किया था। जिसमें यह बात सामने आई, कि भारतीयों ने 1 साल में न्यूजीलैंड की जनसंख्या के बराबर समोसे (Samosa) खाए हैं। हम इंडियंस (Indians) के लिए समोसे (Samosa) की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है।

पर सोमालिया में समोसा खाने पर ही नहीं, बनाने पर भी बैन है। यहां समोसा बनाने, खाने और बेचने पर सजा का प्रावधान है। दरअसल सोमालिया के एक चरमपंथी समूह का मानना है कि समोसे का त्रिकोण शेप क्रिश्चियन के बेहद नजदीक होता है।

इसके साथ ही कुछ रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है, कि यहां भुखमरी से मरे जानवरों के मीट को समोसे में इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा यह भी बात सामने आई है, कि समोसे का शेप आक्रामकता को दर्शाता है।

जबकि हम सभी जानते हैं कि समोसा (Samosa) मैदे और आलू से बना एक स्वादिष्ट नाश्ता है। जिसमें हम मैदे के अंदर आलू भरकर फ्राई करते हैं। इसके अलावा अपनी मनपसंद सब्जियां भरकर भी बनाते हैं।

समोसे के इतिहास की बात करें तो, 16 वीं शताब्दी में मुगल काल के दौरान में भी समोसे का जिक्र मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि समोसा (Samosa) भारत का ही आविष्कार है। और यह धीरे-धीरे पूरी दुनिया में मशहूर हो गया।

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