पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिस पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने जीत हासिल की।
समर्थकों में खुशी की लहर
चुनाव परिणाम घोषित होते ही बांकीपुर और पटना के कई इलाकों में जन सुराज कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जश्न मनाया। पार्टी कार्यालयों के बाहर मिठाइयां बांटी गईं और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मनाया।
Also Read
जन सुराज के लिए अहम जीत
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत जन सुराज पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहली बार विधानसभा में प्रवेश के साथ पार्टी को बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
भाजपा के लिए अहम सीट थी बांकीपुर
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव के नतीजों पर पूरे राज्य की नजर थी।
#WATCH पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने कहा, “बांकीपुर की जनता की जीत है। ये चुनाव विधायक बनाने का चुनाव नहीं है। ये भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का चुनाव है कि किसी अच्छे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाएं। जनता ने आपके 202 विधायक… pic.twitter.com/lMrHTH25QN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 3, 2026
Advertisement
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
प्रशांत किशोर की जीत को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह परिणाम प्रदेश की राजनीतिक रणनीतियों और गठबंधनों पर भी असर डाल सकता है।
मुख्य बातें
- प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की।
- सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
- जीत के बाद जन सुराज समर्थकों में जश्न का माहौल।
- परिणाम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।




