बुधनी। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से नाराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अन्याय की पराकाष्ठा बताया।
बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। गांव में घरों को तोड़े जाने और फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से नाराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। देर रात उन्होंने कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे अन्याय की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन परिवारों के घर उजाड़े गए हैं, उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवारों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन घरों में सुबह तक परिवार रह रहे थे और बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब चीख-पुकार और मातम का माहौल है। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के घरों को तोड़ दिया गया, उनकी फसलें दबा दी गईं और कुओं को मिट्टी से भर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोगों की वर्षों की मेहनत और उनके आशियानों को इस तरह उजाड़ना बेहद दुखद है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कोसमी में कार्रवाई को रोकने के लिए उन्होंने पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से बातचीत की थी। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब वह पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले तथा इस तरह की कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
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शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई में शामिल वन विभाग के कर्मचारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने घरों को तोड़ने और नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई की, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर भी नाराजगी जताई। उनके मुताबिक, ऐसी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी और मानवीय संवेदनशीलता जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि जिन परिवारों के घर उजड़ गए हैं, उनके दर्द को समझना चाहिए। उन्होंने कार्रवाई करने वालों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ने से पहले उनके जीवन और बच्चों के भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके आवास और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धरने पर बैठना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपनी ही सरकार के सामने पीड़ित परिवारों का पक्ष रखते हुए उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में मुख्यमंत्री के समक्ष उनकी बात रखे जाने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग के बाद प्रशासन का अगला कदम महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, कोसमी गांव में प्रभावित परिवारों को राहत, आवास की व्यवस्था और कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री के आश्वासन पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।




