प्रतीकों से प्रतिकार तक-गोलघर और गंगा : बिहार के सपनों की पहचान, लेकिन सच्चाई के आईने में एक विडंबना “बिहार के सपनों की गंगा पवित्र है… लेकिन सच्चाई का पानी गंदा है।” यह वाक्य कोई...