सिंगरौली में बिना तिरपाल या कंटेनर के राखड़/कोल का परिवहन कर रहे वाहनों की होगी जाँच ….

By: News Desk

On: Saturday, August 9, 2025 1:02 PM

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सिंगरौली, 9 अगस्त 2025 : मध्य प्रदेश के औद्योगिक जिले सिंगरौली में पर्यावरणीय संकटों के समाधान के लिए कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनसीएल, एनटीपीसी और जिले की अन्य प्रमुख औद्योगिक कंपनियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिले में बढ़ते फ्लाई ऐश (राखड़) प्रबंधन और इसके बेहतर उपयोग को लेकर थी, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण तथा सड़क क्षति की समस्याओं पर चर्चा की गई।

बैठक के प्रारंभ में क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी द्वारा कंपनियों की फ्लाई ऐश प्रबंधन की वर्तमान स्थिति और पिछले सालों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि कई औद्योगिक संस्थान फ्लाई ऐश नियंत्रण संबंधी राज्य एवं केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण और आमजनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कलेक्टर शुक्ला ने सख्त नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि जिन कंपनियों द्वारा नियमानुसार कार्य योजना लागू नहीं की जा रही है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किया जाए और जवाब-तलब प्रक्रिया शुरू की जाए।

विशेष ध्यान कोल परिवहन के कारण क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर भी दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क सहित अन्य मुख्य मार्गों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जिससे आवागमन बाधित है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि सड़कों की मरम्मत कार्य न करने वाली कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फ्लाई ऐश और कोल परिवहन वाहनों की नियमित जांच के लिए विशेष टीम का गठन उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा। जो वाहन तिरपाल या कंटेनर के बिना नियम विरुद्ध ढंग से परिवहन कर रहे हैं, उन्हें जब्त कर सख्त कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर ने यह चिंता जताई कि बलिया नाला, सूर्या नाला और अन्य जलस्रोतों में राखड़ के बहाव से जल प्रदूषण हुआ है, जिस पर कंपनियों के ढीले रवैये पर अफसोस जताया गया और तत्काल सफाई एवं प्रदूषण नियंत्रण के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यतः निम्न निर्देश और निर्णय लिए गए

  • कोल परिवहन व राखड़ ढुलाई : बिना तिरपाल या कंटेनर के राखड़/कोल का परिवहन कर रहे वाहनों की जांच के लिए उपखण्ड अधिकारी के नेतृत्व में टीम बनाई जाएगी। नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त करने व उन पर सख्त कार्रवाई के आदेश।

  • सड़क क्षति एवं मरम्मत : प्रधानमंत्री सड़क व अन्य मुख्य मार्गों की खराब हालत के लिए जिम्मेदार कंपनियों को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा और मरम्मत कार्य तुरन्त शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।

  • जलस्रोतों में राखड़ के बहाव से जल प्रदूषण : बलिया नाला, सूर्या नाला जैसे जलस्रोतों में राखड़ बहाव से उत्पन्न जल प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कंपनियों को तत्काल सफाई एवं सुधारात्मक कार्य करने का निर्देश दिया गया।

  • औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे : कोल परिवहन के वाहनों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए बैरियर पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश सभी कंपनियों को दिए गए।

कलेक्टर ने अमलोरी कोल माइंस पर विशेष चिंता जताई, जहां राखड़ बहाव से आसपास के मकान और खेत प्रभावित हैं। एनसीएल, एनटीपीसी सहित सभी कंपनियों को अपने क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्य शीघ्र कराने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक के अंतिम क्षणों में प्रशासन ने कंपनियों के बैरियर प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरा लगाने और अनुपस्थित कंपनी अधिकारियों को नोटिस भेजने का भी ऐलान किया।

जहाँ एक ओर प्रशासन सिंगरौली के औद्योगिक भविष्य और ‘हरित’ विकास हेतु प्रतिबद्ध नज़र आया, वहीं इस बैठक ने यह संदेश भी दिया कि अब पर्यावरणीय लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले के नागरिकों की स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है तथा सभी कंपनियों को प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

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