देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में अपना नौवां आम बजट पेश किया। इस बजट का मूल उद्देश्य “विकसित भारत” के लक्ष्य को मजबूत करना और अर्थव्यवस्था को तेज गति देना है। सरकार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन को इस बजट की प्राथमिकता बनाया है।
पूंजीगत खर्च में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इससे सड़क, रेल, पुल और शहरी सुविधाओं के विकास को रफ्तार मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
पर्यावरण और तेज कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। ये कॉरिडोर मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे। इससे यात्रा समय कम होगा और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।
फार्मा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ी राहत
बजट में फार्मा और उभरती टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस किया गया है। सरकार अगले पांच वर्षों में ₹100 करोड़ का बायोफार्मा शक्ति मिशन शुरू करेगी। इसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिससे भारत को वैश्विक दवा निर्माण केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि भारत टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बन सके।
शिक्षा, स्किल और कंटेंट क्रिएशन पर जोर
युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स स्थापित की जाएंगी। डिजिटल शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रमों के जरिए Education to Employment की दूरी कम करने की योजना है।
स्वास्थ्य, आयुष और मेडिकल टूरिज्म
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार तीन नए एम्स जैसे आयुर्वेद संस्थान, आयुष दवा दुकानों के आधुनिकीकरण और पांच मेडिकल टूरिज्म हब विकसित करने की योजना लेकर आई है। इससे हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और विदेशी मरीजों को आकर्षित किया जा सकेगा।
MSME और छोटे कारोबारियों को समर्थन
छोटे उद्योगों के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में ₹4,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। वहीं कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का नया फंड बनाया गया है। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर और निर्यात को मजबूती मिलेगी।
बैंकिंग और रोजगार सुधार
बैंकिंग सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए सरकार एक हाई लेवल कमेटी गठित करेगी, जो बैंकों के कामकाज की समीक्षा कर सुधार सुझाएगी। इसके साथ ही एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट कमेटी बनाई जाएगी, ताकि पढ़ाई के बाद युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी हो।
ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट सिटी मिशन
बजट 2026 में सोलर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने का प्रावधान है। साथ ही स्मार्ट सिटी मिशन और मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त फंडिंग से शहरी जीवन को बेहतर बनाने की योजना है।











