केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में मध्य प्रदेश के लिए करोड़ों रुपये के विकासात्मक प्रावधान किए गए हैं। सरकार का फोकस सिंचाई, सड़क अवसंरचना, शहरी सुविधाओं और ऊर्जा सुधार पर रहा, जिससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
बजट प्रावधानों का उद्देश्य किसानों को राहत देना, कनेक्टिविटी मजबूत करना और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित विकास को आगे बढ़ाना है। इन घोषणाओं से रोजगार सृजन और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश के लिए केंद्रीय बजट के प्रमुख प्रावधान
1) सिंचाई परियोजनाओं के लिए 184.20 करोड़ रुपये
राज्य की लंबित और नई सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए यह राशि निर्धारित की गई है। नहरों के आधुनिकीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण पर जोर रहेगा। इससे किसानों को नियमित पानी उपलब्ध होने और कृषि उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
2) पीपीपी मॉडल की सड़क परियोजनाओं के लिए 861 करोड़ रुपये
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत सड़क निर्माण और उन्नयन के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की गुणवत्ता सुधारने, यात्रा समय घटाने और निजी निवेश आकर्षित करने पर फोकस रहेगा।
3) शहरी सेवाओं के लिए 439.68 करोड़ रुपये
पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए यह राशि खर्च होगी। इससे नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर होने की संभावना है।
4) रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए 297.48 करोड़ रुपये
ग्रामीण और दूरदराज इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने पर यह निवेश किया जाएगा, जिससे बाजार, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
5) ऊर्जा सुधार कार्यक्रम के लिए 207.10 करोड़ रुपये
बिजली वितरण व्यवस्था मजबूत करने, ट्रांसमिशन लॉस घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर यह राशि खर्च की जाएगी। इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में लोकसभा में प्रस्तुत बजट का सीधा प्रसारण देखा। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूती देने वाला लोकहितैषी बजट बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाते हुए देश को वैश्विक विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा तय करता है।
उन्होंने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में यह बजट समावेशी विकास को बढ़ावा देगा और आत्मनिर्भर भारत @2047 के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।











