बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा की चमक-दमक भरी जिंदगी के पीछे एक भावनात्मक पारिवारिक सच्चाई छिपी है। हाल ही में उनकी मां डॉ. मधु चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि प्रियंका की कामयाबी की कीमत उनके छोटे बेटे सिद्धार्थ चोपड़ा को चुकानी पड़ी।
मधु चोपड़ा ने भावुक होते हुए बताया कि जब प्रियंका ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर फिल्मी दुनिया में कदम रखा, तब पूरा परिवार उनके करियर को संवारने में जुट गया। इसी दौरान सिद्धार्थ अपने माता-पिता का पर्याप्त साथ नहीं पा सके।

“सिद्धार्थ हमारी प्राथमिकता नहीं बन पाया” – मधु चोपड़ा
मधु चोपड़ा ने स्वीकार किया कि उस दौर में वह प्रियंका के साथ मुंबई चली गई थीं, जबकि उनके पति डॉ. अशोक चोपड़ा अपने मेडिकल प्रैक्टिस में व्यस्त थे। ऐसे में किशोर उम्र का सिद्धार्थ लगभग अकेले ही बड़ा हुआ। उन्होंने कहा, “सिद्धार्थ, प्रियंका की सफलता का कोलैटरल डैमेज बन गया। मैं उसके साथ नहीं थी, उसके पिता काम में व्यस्त थे। आज सोचती हूं तो लगता है कि वह बहुत कुछ अकेले सहता रहा।” यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने माना कि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पीड़ा है।
आज भी संघर्ष कर रहा है सिद्धार्थ
मधु चोपड़ा ने बताया कि सिद्धार्थ आज भी अपने जीवन में संघर्ष कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भगवान ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और उनके दोनों बच्चे उनका पूरा ख्याल रखते हैं।
सिद्धार्थ ने अपनी पहचान बनाने की कई कोशिशें कीं। उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से लेकर बिज़नेस तक हाथआजमाया और फिलहाल प्रियंका की प्रोडक्शन कंपनी Purple Pebble Pictures से जुड़े हुए हैं।
2024 में हुई शादी, परिवार ने दिया पूरा साथ
साल 2024 में सिद्धार्थ चोपड़ा ने नीलम उपाध्याय से शादी की। इस खास मौके पर प्रियंका चोपड़ा, निक जोनस और उनकी बेटी मालती मैरी भी मौजूद रहीं। यह पल इस बात का सबूत था कि तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद परिवार आज भी मजबूती से जुड़ा हुआ है।

चमक-धमक के पीछे छिपे होते हैं त्याग और संघर्ष
प्रियंका चोपड़ा की आने वाली फिल्मों और ग्लोबल पहचान के बीच यह खुलासा बताता है कि हर बड़ी सफलता के पीछे कुछ अनकही कुर्बानियां होती हैं। मधु चोपड़ा की यह भावुक स्वीकारोक्ति फैंस के दिलों को छू गई है और सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर भावनात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
यह कहानी न सिर्फ एक स्टार परिवार की सच्चाई दिखाती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि सफलता की कीमत कभी-कभी अपनों को चुकानी पड़ती है।










