गुजरात के सूरत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच ने नकली भारतीय करेंसी छापने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक योग शिक्षक प्रदीप जांगड़िया निकला, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्क तैयार कर रखा था। गिरफ्तारी के बाद उसने जो दावा किया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
ख़बर क्या है ? योग गुरु बना नकली नोट गिरोह का सरगना !
क्या है पूरा मामला
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि श्री सत्यम योग फाउंडेशन से जुड़े योग शिक्षक प्रदीप जोतांगिया उर्फ ‘प्रदीप गुरुजी’ इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी है।
पुलिस के मुताबिक, फाउंडेशन 2020 के बाद निष्क्रिय था और आर्थिक तंगी के चलते आरोपी ने इस अवैध धंधे की शुरुआत की।
आरोपी का चौंकाने वाला बयान
पूछताछ के दौरान प्रदीप जांगड़िया ने पुलिस को बताया कि वह यह काम “अच्छे उद्देश्य” के लिए कर रहा था। हालांकि, उसने इस अच्छे काम के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के इस दावे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उसके पीछे कोई गिरोह तो नहीं है।

चीन से जुड़ा नेटवर्क, हवाला के जरिए भुगतान
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि प्रदीप जोतांगिया फरवरी 2026 में चीन के गुआंगझाऊ गया था। वहां उसने हाई-क्वालिटी प्रिंटिंग मशीन और सिक्योरिटी थ्रेड पेपर खरीदने के लिए एजेंट से संपर्क किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हवाला चैनल के जरिए करीब 17.5 लाख रुपये चीन भेजे थे।
10-12 लाख की नकली करेंसी बाजार में खपाई
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक करीब 10 से 12 लाख रुपये के जाली नोट बाजार में चला चुके हैं।
गिरोह ने करीब चार महीने पहले नकली नोट छापने का काम शुरू किया था।
42,000 जाली नोट बरामद, SUV से मिला बड़ा सुराग
पुलिस ने एक सफेद SUV से 500 रुपये के 42,000 जाली नोट बरामद किए। वाहन पर ‘VVIP’ स्टिकर और फर्जी सरकारी मान्यता वाली नंबर प्लेट लगी थी।
पुलिस ने बताया कि जिस एसयूवी वाहन से जाली नोट जब्त किए गए थे, उस पर ‘वीवीआईपी’ का स्टिकर और ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त’ की नंबर प्लेट भी लगी हुई थी।
इसके अलावा सूरत के एक घर से भी नकली नोटों की बड़ी खेप जब्त की गई।
7 आरोपी गिरफ्तार, महिला भी शामिल
इस मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें:
- प्रदीप जोतांगिया (योग गुरु)
- मुकेश थुम्मर (मुख्य संचालक)
- अशोक मावानी
- रमेश भालर
- दिव्येश राणा
- भरत काकड़िया
- एक महिला आरोपी
पुलिस और प्रशासन का बयान
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एस.जे. जडेजा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 178, 180, 181 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।











