टीवी बाजार में भरोसे और क्वालिटी का दूसरा नाम मानी जाने वाली Sony अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। वर्षों तक अपने दम पर टीवी बनाने वाली कंपनी ने अब चीन की TCL के साथ रणनीतिक साझेदारी करने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत Sony अपने Bravia टीवी के मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस को एक नई जॉइंट वेंचर कंपनी में ट्रांसफर करेगी, जिसकी 51% हिस्सेदारी TCL के पास और 49% Sony के पास होगी।
यह नया संयुक्त उद्यम अप्रैल 2027 से काम शुरू करेगा, बशर्ते सभी कानूनी और नियामकीय मंजूरियां समय पर मिल जाएं। दोनों कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि मार्च 2026 के अंत तक डील को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
क्या Sony टीवी बनाना बंद कर रही है?
इस खबर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या Sony अब टीवी बिज़नेस से बाहर हो रही है? जवाब है नहीं। Sony ने साफ किया है कि,
- Bravia ब्रांड बंद नहीं होगा
- टीवी पर Sony का नाम पहले की तरह रहेगा
- पिक्चर प्रोसेसिंग, ऑडियो ट्यूनिंग और ब्रांड कंट्रोल Sony के पास रहेगा
- लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन TCL संभालेगी
यानी ग्राहक को Sony ब्रांड ही मिलेगा, लेकिन उसके पीछे की फैक्ट्री और टेक्नोलॉजी में TCL की बड़ी भूमिका होगी।

Sony और TCL की जोड़ी क्यों बनी?
इस साझेदारी के पीछे एक बड़ा कारोबारी कारण है। आज का टीवी बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी हो चुका है। Samsung, LG, Hisense और TCL जैसी कंपनियां बड़े पैमाने पर सस्ते टीवी बना रही हैं। जहां Sony क्वालिटी, कलर एक्यूरेसी और साउंड प्रोसेसिंग में मजबूत है, वहीं TCL के पास बड़े स्तर पर पैनल बनाने की क्षमता, कम लागत और तेज़ सप्लाई चेन है
Sony पहले ही LCD और OLED पैनल बनाना बंद कर चुकी है और बाहरी सप्लायर्स पर निर्भर है। दूसरी ओर TCL ने हाल के वर्षों में डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में भारी निवेश किया है और Samsung की कुछ यूनिट्स तक खरीद ली हैं।
ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार इस डील से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिल सकते हैं:
- Sony ब्रांड वाले टीवी पहले से थोड़े सस्ते हो सकते हैं
- बेहतर पैनल टेक्नोलॉजी और ज्यादा मॉडल विकल्प
- Sony की इमेज प्रोसेसिंग + TCL की मैन्युफैक्चरिंग ताकत
- मिड-रेंज सेगमेंट में बेहतर वैल्यू फॉर मनी











