सिंगरौली। आदिवासियों के विस्थापन से जुड़ी समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं का विरोध रविवार को भी जारी रहा। स्थिति जानने और आदिवासी परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे कांग्रेसियों का दल जैसे ही गांव की ओर बढ़ा, पुलिस के पहले सुरक्षा घेरे को उन्होंने नारेबाजी करते हुए पार कर लिया। इसके बाद आगे तैनात भारी पुलिस बल ने कांग्रेसी नेताओं को रोक लिया। मौके पर स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक व झूमाझटकी देखने को मिली।
आदिवासियों के विस्थापन से जुड़ी समस्याओं को नज़दीक से समझने के लिए कांग्रेस नेताओं ने रविवार को दूसरे दिन भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। कांग्रेस का यह दल आदिवासी परिवारों के बीच जाकर उनकी बात सुनने और उनकी समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुँचाने के उद्देश्य से पहुँचा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन से लगातार कांग्रेस नेता जमीनी हालात को समझ रहे हैं, जिससे आदिवासी परिवारों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं को अब बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। पुलिस ने हालात को काबू में करते हुए सभी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया और पचौर स्थित पुलिस लाइन ले जाया गया। हिरासत में भी कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते रहे और पुलिस पर ‘तानाशाही रवैया’ अपनाने का आरोप लगाते रहे।











