सिंगरौली। जिले के बैढ़न स्थित सामुदायिक भवन से संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का आयोजन साकेत समाज, अजाक्स एवं अन्य संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शोभायात्रा बैढ़न नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान “बाबा साहब अमर रहें” और “जय भीम” के गगनभेदी नारों से पूरा नगर गूंज उठा। आयोजन में हजारों की संख्या में अनुयायी शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया।
जिले के बैढ़न नगर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती का आयोजन इस वर्ष विशेष संदेश के साथ संपन्न हुआ। सामुदायिक भवन से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और समानता के संकल्प का प्रतीक बनकर नगर के हर मार्ग से गुजरी। नगरवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा से किया। “जय भीम” और “बाबा साहब अमर रहें” के नारों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा और आत्मसम्मान से भर दिया। हजारों अनुयायियों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि संत रविदास और बाबा साहब के विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया, वहीं सांस्कृतिक मंच से प्रस्तुत गीत-संगीत ने समरसता और भाईचारे का संदेश दिया। संत रविदास और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर आधारित प्रस्तुतियों ने लोगों को सोचने और जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष और मानव समानता का प्रतीक है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए युवा पीढ़ी से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।











