सिंगरौली। जिले में किसानों की आय बढ़ाने और उद्यानिकी को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) योजना अंतर्गत दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक कार्यशाला का आयोजन 20 एवं 21 जनवरी को किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
जिले के किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और लाभकारी उद्यानिकी की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक कार्यशाला का आयोजन किया गया। 20 व 21 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यशाला ने किसानों के सामने खेती की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सिंगरौली विधायक श्री राम निवास शाह उपस्थित रहे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश गोमे की विशेष उपस्थिति में कार्यशाला का शुभारंभ सहायक संचालक उद्यान श्री एच.एल. निमोरिया द्वारा एमआईडीएच योजना की जानकारी के साथ किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जयसिंह ने पॉलीहाउस और नेट हाउस में खेती को “कम भूमि, अधिक उत्पादन” का प्रभावी माध्यम बताया। वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र कुमार गौतम ने फलोद्यानों को स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया बताते हुए आम, अमरूद, नींबू, अनार, बेर और आंवला की व्यावसायिक खेती पर किसानों को मार्गदर्शन दिया। प्राकृतिक खेती पर बोलते हुए वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश चौबे ने जीवामृत, घन जीवामृत और नीमास्त्र को रासायनिक खेती का सुरक्षित विकल्प बताया। वहीं वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री किशन सिंह ने फूलों की खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी बताते हुए गुलाब, गेंदा, गुलदावदी, ग्लेडियोलस, जरबेरा और डहेलिया की तकनीक साझा की।











