सिंगरौली। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पोषण ट्रेकर के अंतर्गत पंजीकृत गर्भवती, धात्री महिलाएं और एसएएम, एमएएम बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पोषण ट्रेकर एप के माध्यम से बच्चों का चिन्हांकन पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पोषण ट्रेकर अंतर्गत पंजीकृत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और एसएएम, एमएएम बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण ट्रेकर एप पर बच्चों का चिन्हांकन पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ किया जाए। जिन क्षेत्रों में बच्चों के हाइट और वेट की जानकारी दर्ज नहीं है, वहां सुपरवाइज़र स्वयं जाकर आंकड़े सुनिश्चित करें। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में ग्रोथ चार्ट अनिवार्य रूप से लगाना होगा। बैठक में मातृ शिशु मृत्यु दर और चिकित्सालयों में जन्म लेने वाले बच्चों के सर्वाइवल रेट में सुधार पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। इसके लिए सेक्टर लेवल पर मास्टर ट्रेनर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पेडियाट्रिशियन, डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट के सत्र भी शामिल होंगे।सुपरवाइज़र और बीएमओ की निगरानी में संवेदनशील क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर बच्चों और गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी देने पर जोर दिया गया। कुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत पहचान कर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने आगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौनों की व्यवस्था, शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए माइक्रो प्लानिंग, और छोटे बच्चों के पोषण स्तर सुधारने के लिए आयुष चिकित्सा, पोषण वाटिका, योग और स्वास्थ्यवर्धक आहार का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाए और होम विजिट के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी जाए।











