सिंगरौली। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में पीएम श्री शासकीय महाविद्यालय, बैढ़न में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण से हुई। आयोग सदस्य श्री आर.के. द्विवेदी ने आयोग की भूमिका, अधिकार एवं कार्यों की जानकारी छात्रों को दी। युवा संवाद के दौरान छात्रों ने जनजातीय विकास से जुड़े अपने विचार साझा किए।
पीएम श्री शासकीय महाविद्यालय, बैढ़न उस समय संवाद का केंद्र बन गया, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य सीधे युवाओं से रूबरू हुए। कार्यक्रम केवल औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों के विचार, सवाल और सुझावों ने जनजातीय विकास की नई दिशा पर चर्चा को जन्म दिया। कार्यक्रम की शुरुआत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण से हुई, जिसने पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। आयोग सदस्य श्री आर.के. द्विवेदी ने सरल शब्दों में आयोग की भूमिका बताते हुए युवाओं को उनके अधिकारों से अवगत कराया। संवाद के दौरान छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े मुद्दों को खुलकर रखा। आयोग अध्यक्ष श्री आर्य ने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं में निहित है, जिसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया से आगे बढ़कर लक्ष्य आधारित जीवन अपनाएँ और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। इस अवसर पर सिंगरौली विधायक श्री रामनिवास शाह ने संविधान की समझ को मजबूत करने पर जोर दिया, वहीं देवसर विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम ने भगवान बिरसा मुंडा और विश्व आदिवासी दिवस जैसे आयोजनों को जनजागरण का माध्यम बताया। कार्यक्रम के अंत में सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग शिविर का अवलोकन करते हुए आयोग अध्यक्ष ने शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे समय रहते बीमारी की पहचान हो सके।










