सिंगरौली। देश की ऊर्जा सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रहा एनटीपीसी विंध्याचल अब केवल विद्युत उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रशिक्षण और ज्ञान-साझाकरण का भी सशक्त मंच बनता जा रहा है। इसी कड़ी में वर्ष 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित संवादात्मक कार्यक्रम ने संस्थान की सकारात्मक और दूरदर्शी कार्यसंस्कृति को उजागर किया
जब देश के शहर जगमगाते हैं, तब कहीं न कहीं एनटीपीसी की सतत मेहनत काम कर रही होती है। यह संस्थान केवल मेगावॉट गिनने तक सीमित नहीं, बल्कि भरोसे, अनुशासन और सेवा भावना की एक जीवंत मिसाल बन चुका है। एनटीपीसी की कार्यसंस्कृति में तकनीक और इंसान का अद्भुत संतुलन दिखाई देता है। यहाँ बिजली उत्पादन को सिर्फ मशीनों की जिम्मेदारी नहीं माना जाता, बल्कि हर कर्मचारी इसे राष्ट्र सेवा के रूप में देखता है। यही कारण है कि कठिन परिस्थितियों में भी एनटीपीसी ने देश की ऊर्जा आपूर्ति को कभी बाधित नहीं होने दिया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एनटीपीसी की हरित पहलें यह साबित करती हैं कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं। जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छ ऊर्जा प्रयास और स्थानीय समुदायों के लिए शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाएँ इसकी सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत बनाती हैं। एनटीपीसी आज एक ऐसा संस्थान बन चुका है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ऊर्जा के साथ-साथ मूल्य भी सहेज रहा है। यही वजह है कि एनटीपीसी को केवल पावर कंपनी नहीं, बल्कि राष्ट्र के भरोसे का प्रतीक माना जाता है।










