सिंगरौली जिले के बंधौरा स्थित महान एनर्जन लिमिटेड पावर प्लांट में श्रम कानूनों के उल्लंघन की शिकायतों ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। श्रमिकों को समय पर वेतन न मिलने और ओवरटाइम भुगतान न किए जाने की गंभीर शिकायतों के बाद जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के लिए बता दें की, अडानी पावर लिमिटेड (APL Adani Power) की सहायक कंपनी, महान एनर्जेन लिमिटेड (MEL), मध्य प्रदेश के सिंगरौली में अपने मौजूदा 1200 MW (2×600 MW) पावर प्लांट का विस्तार कर रही है।
ख़बर क्या है ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट में कार्यरत श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, उनसे अतिरिक्त समय तक काम कराया जा रहा है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा।
यह मामला तब गंभीर हो गया जब कई शिकायतें एक साथ प्रशासन के संज्ञान में आईं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच दल का गठन कर दिया।

जांच के लिए बनी अधिकारियों की टीम
प्रशासन द्वारा गठित जांच दल में चार प्रमुख अधिकारी शामिल हैं
- श्री नन्दन तिवारी – उपखण्ड मजिस्ट्रेट, माड़ा
- श्री एन.के. पाण्डेय – श्रम पदाधिकारी, सिंगरौली
- श्री रविन्द्र कोरी – सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
- श्री राहुल प्रधान – श्रम निरीक्षक
इस टीम को निर्देश दिया गया है कि वे श्रमिकों के नियोजन, उनके रहन-सहन, श्रम कानूनों के पालन और औद्योगिक सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच करें।

3 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी तथ्यों की जांच कर सुसंगत अभिलेखों के साथ अपनी रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में पाई गई विसंगतियों और अनियमितताओं का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
बड़ा सवाल ?
इस मामले का सीधा असर स्थानीय श्रमिकों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। समय पर वेतन न मिलने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
कई श्रमिकों का कहना है कि घर चलाना मुश्किल हो रहा है, जबकि ओवरटाइम करने के बावजूद भुगतान न मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सिंगरौली के बंधौरा पावर प्लांट में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और श्रमिकों को राहत मिलती है या नहीं।











