सिंगरौली, 5 जनवरी 2026। प्रदेश के कुछ शहरों में हाल के महीनों में सामने आई पेयजल प्रदूषण की घटनाओं से सबक लेते हुए नगर पालिक निगम सिंगरौली ने जल सुरक्षा को लेकर व्यापक और त्वरित कदम उठाए हैं। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए अब शहर में पेयजल की नियमित, वैज्ञानिक और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाएगी।
आयुक्त के निर्देशानुसार पेयजल गुणवत्ता परीक्षण के लिए हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) टेस्ट किट के माध्यम से प्रारंभिक बैक्टीरियोलॉजिकल जांच लागू की गई है। यह जांच जल स्रोतों, उपचारित जल, ओवरहेड टैंकों, वितरण नेटवर्क, अंतिम उपभोक्ता बिंदुओं के साथ-साथ संवेदनशील पुरानी बस्तियों और सीवर-प्रभावित क्षेत्रों में की जाएगी। उद्देश्य स्पष्ट है, समस्या की पूर्व पहचान और समय रहते रोकथाम।
पेयजल परीक्षण की प्रक्रिया को जवाबदेह बनाने के लिए आयुक्त ने सहायक यंत्रियों और संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि टेस्ट रजिस्टर कंप्यूटर पर संधारित किया जाए, जिसमें नमूने की तिथि, स्थान और परिणाम का अनिवार्य उल्लेख हो। इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, पानी उबालकर पीने और संदिग्ध जल की सूचना देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
हाल ही में इंदौर में हुई जलदूषण की गंभीर घटना को ध्यान में रखते हुए सिंगरौली में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज प्रणाली की 24×7 निगरानी के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके संचालन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती क्षेत्रवार की गई है….
- वार्ड 1 से 11: सहायक यंत्री आलोक टीरू
- वार्ड 12 से 27: सहायक यंत्री दिनेश तिवारी
- वार्ड 28, 29, 30 और 42 से 45: एस.एन. द्विवेदी
- वार्ड 31 से 41: सहायक यंत्री अभयराज सिंह
इन सभी दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में तत्काल कंट्रोल रूम गठित कर जल प्रदाय और सीवरेज कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखने, शिकायतों के शीघ्र निराकरण और समस्त कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रभारी अधिकारी संतोष पाण्डेय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या या प्रदूषण की आशंका होने पर कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 7610107107 पर तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह सलाह भी दी गई है कि पानी उबालकर पिएं, भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं, ताजा और गर्म भोजन करें, भोजन ढककर रखें, तथा पेट दर्द, उल्टी, दस्त या बुखार की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर ओआरएस का सेवन करें।
नगर निगम का यह कदम न केवल प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सिंगरौली में पेयजल सुरक्षा अब प्राथमिकता है, जहां निगरानी, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता के जरिए जोखिम को न्यूनतम करने की ठोस पहल की जा रही है।











