देश के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा, जब केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला पूरी तरह पुरुषों से बनी टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। ऐसा करने वाली वह CRPF की पहली महिला अधिकारी होंगी, जो न केवल बल के इतिहास में बल्कि पूरे देश की वर्दीधारी महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक अध्याय जोड़ेंगी।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा क्षेत्र की रहने वाली सिमरन बाला का बचपन आसान नहीं रहा। पाकिस्तान की ओर से होने वाली गोलाबारी और सीमाई तनाव के बीच पली-बढ़ी सिमरन ने मुश्किल हालात को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। बंकरों और धमाकों के साए में बीता बचपन आज देश सेवा की मिसाल बन चुका है।
140 जवानों की कमान
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सिमरन बाला 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह न केवल CRPF के लिए बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि अब नेतृत्व क्षमता को लिंग नहीं, योग्यता से आंका जाता है। “यह पल शब्दों से परे है” सिमरन बालाअपनी उपलब्धि पर सिमरन बाला ने भावुक होते हुए कहा,
“इंडिया गेट के सामने परेड का नेतृत्व करना मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। यह सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश की सेवा का सम्मान है। इसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।”
पहले ही प्रयास में UPSC सफलता
- सिमरन बाला ने पहले ही प्रयास में UPSC CAPF परीक्षा पास की
- ऑल इंडिया रैंक: 82
- जम्मू-कश्मीर से एकमात्र महिला चयनित उम्मीदवार (2023)
- अपने जिले की पहली महिला CRPF अधिकारी











