बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India अपने पांचवें सीजन के साथ 5 जनवरी 2026 को ऑन-एयर हुआ। इस बार शो में 15 जज शामिल किए गए हैं, जो टेक्नोलॉजी, फिनटेक और कंज़्यूमर ब्रांड्स जैसे क्षेत्रों से आते हैं। इन्हीं नई शार्क्स में एक नाम सबसे अलग और प्रेरणादायक है, नाम Kanika Tekriwal
कनिका टेकरीवाल भारत की पहली एयरक्राफ्ट लीजिंग कंपनी JetSetGo की संस्थापक और सीईओ हैं। उनकी कहानी न सिर्फ स्टार्टअप जगत के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए मिसाल है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखता है।
कौन हैं Kanika Tekriwal ?
साल 2014 में, बेहद कम उम्र में, कनिका टेकरीवाल ने JetSetGo की नींव रखी। उनका सपना पायलट बनने का था, लेकिन पारिवारिक और सामाजिक सोच उनके रास्ते में दीवार बनकर खड़ी थी।
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पारंपरिक मारवाड़ी परिवार से होने के कारण उन्हें यह कहकर रोका गया,“ड्राइवर बनेगी?”
लेकिन कनिका ने हार नहीं मानी। उन्होंने आसमान में “उबर मॉडल” लाने का विज़न तैयार किया, और प्राइवेट जेट खरीदकर उन्हें किराये पर उपलब्ध कराना।
यही सोंच आगे चलकर JetSetGo बना, जो आज भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट जेट फ्लीट्स में से एक ऑपरेट करता है।
सिर्फ ₹5,600 से खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस
Kanika Tekriwal की सफलता की सबसे ख़ास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी बड़े निवेश के कंपनी शुरू की। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि अब तक उन्होंने अपने बिजनेस में केवल ₹5,600 का निजी निवेश किया है।
आज JetSetGo देश की प्रमुख प्राइवेट एविएशन कंपनियों में गिनी जाती है, जो कॉर्पोरेट्स, सेलिब्रिटीज़ और इमरजेंसी सर्विसेज़ तक को सेवाएं देती है। यह कहानी बताती है कि आइडिया और एग्ज़ीक्यूशन पूंजी से कहीं ज्यादा अहम होते हैं।
कैंसर से जंग और वापसी की मिसाल
Kanika Tekriwal के लिए राह आसान नहीं थी। JetSetGo की शुरुआत से पहले ही कनिका टेकरीवाल को स्टेज-2 हॉजकिन्स लिम्फोमा (लिम्फ नोड्स से जुड़ा कैंसर) होने का पता चला। यह दौर उनके लिए जीवन और मृत्यु की लड़ाई जैसा था।
इलाज, मानसिक संघर्ष और अनिश्चित भविष्य के बीच भी उन्होंने अपने सपनों को छोड़ा नहीं। कैंसर को मात देने के बाद उन्होंने न सिर्फ जिंदगी में वापसी की, बल्कि बिजनेस की दुनिया में भी खुद को और मजबूत बनाया।
Shark Tank India में कनिका की एंट्री ?
Shark Tank India Season 5 में कनिका टेकरीवाल की मौजूदगी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी या निजी संघर्षों के कारण अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि असफलता, बीमारी या सामाजिक दबाव कुछ भी हो, मजबूत इरादे सफलता का रास्ता बना सकते हैं।










