Ramadan 2026 की शुरुआत भारत में 19 फरवरी से हो चुकी है और मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रख रहे हैं। इस दौरान लगभग 12 से 14 घंटे तक खाना-पीना नहीं किया जाता, जिससे शरीर को प्राकृतिक रूप से आराम और संतुलन मिलता है।
धार्मिक महत्व के साथ-साथ अब मेडिकल साइंस भी मानता है कि रोज़ा शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। नई रिसर्च और डॉक्टरों के अनुसार सही तरीके से रोज़ा रखने से शरीर की कई प्रक्रियाओं में सुधार होता है और स्वास्थ्य बेहतर बनता है।
1. शरीर की सफाई और डिटॉक्स
रोज़ा रखने से शरीर को लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता, जिससे शरीर जमा हुए टॉक्सिन को धीरे-धीरे बाहर निकालता है। रिसर्च के अनुसार Ramadan fasting से शरीर की सूजन कम होती है और मेटाबोलिज्म बेहतर होता है।यह प्रक्रिया शरीर की कोशिकाओं को रीसेट करने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति अधिक स्वस्थ महसूस करता है।

2. वजन नियंत्रण में मदद
रोज़ा intermittent fasting का एक प्राकृतिक रूप है, जिससे शरीर ऊर्जा के लिए फैट का उपयोग करता है। इससे वजन नियंत्रित करने और मोटापे के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। डॉक्टरों का कहना है कि रोज़ा रखने से शरीर का फैट प्रतिशत कम हो सकता है और शरीर संतुलित रहता है।
3. दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद
Ramadan fasting से खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में सुधार हो सकता है। इससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है। साथ ही, ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भी रोज़ा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. ब्लड शुगर और डायबिटीज नियंत्रण में मदद
रोज़ा शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। डॉक्टरों के अनुसार यह डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकता है, लेकिन डायबिटीज मरीजों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

5. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कम करने में मदद
Ramadan fasting का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक होता है। रिसर्च में पाया गया है कि रोज़ा रखने से तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है। रोज़ा आत्म-नियंत्रण और मानसिक संतुलन को मजबूत करता है।
6. पाचन तंत्र को आराम मिलता है
साल भर लगातार काम करने वाला पाचन तंत्र रोज़ा के दौरान आराम करता है। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं में सुधार हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सेहरी में फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए ताकि पूरे दिन ऊर्जा बनी रहे।

7. इम्युनिटी और शरीर की ताकत बढ़ती है
रोज़ा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सूजन कम करता है। इससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है। सही खान-पान और संतुलित रोज़ा शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़ा के दौरान संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और सही दिनचर्या जरूरी है। स्वस्थ भोजन और नियमित जांच से रोज़ा सुरक्षित और फायदेमंद बनता है।
रमज़ान में रोज़ा रखना केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि रोज़ा शरीर की सफाई, वजन नियंत्रण, दिल की सेहत, मानसिक संतुलन और इम्युनिटी को बेहतर बनाने में मदद करता है।











